असलहा और अभिलेखों का सत्यापन कराकर ऑनलाइन कराने में निष्क्रिय जिले के लगभग एक हजार असलहाधारकों का लाइसेंस इस माह के पूरा होते ही निरस्त हो जाएगा। लाइसेंस निरस्त होते ही असलहे शासन-प्रशासन की नजर में अवैध हो जाएंगे। एक माह से अधिक समय से चल रहे सत्यापन और ऑनलाइन प्रक्रिया में महज पांच दिन का समय शेष है। शासन से सत्यापन और ऑनलाइन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है, शेष बचे पांच दिन का फायदा न उठाने पर संबंधित लोगों के लिए परेशानी बढ़ जाएगी।
जनपद सृजन के बाद से कालीन नगरी भदोही में तीन हजार से अधिक असलहों के लाइसेंस जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए है,जबकि दो हजार लाइसेंस 30 जून 1994 के पूर्व में जारी किए गए हैं। इनमें से चार हजार से अधिक असलहाधारकों ने अपने लाइसेंस का थाने और प्रशासनिक अधिकारियों के यहां से निर्धारित दिशा निर्देशों के तहत सत्यापन करा लिए हैं। इससे उनके लाइसेंस का रिकार्ड प्रशासन की ओर से ऑन लाइन कर दिया गया है। लेकिन ऐन-केन-प्रकणेन जिले के लगभग एक हजार असलहा धारकों ने अभी तक अपने लाइसेंस का सत्यापन कराना मुनासिब नहीं समझा है, जबकि ऑनलाइन कराना तो अभी दूर की बात है। समाचार पत्रों के जरिए प्रशासन की ओर से अवगत कराने के बाद भी लगभग एक हजार असलहाधारक लाइसेंस सत्यापन कराने में दूर है। इससे उनके असलहों को ऑनलाइन नहीं किया जा रहा है। ऑनलाइन होने से असलहों का विवरण घर बैठे महज एक क्लिक पर सामने होगा। इसके अलावा असलहों को लेकर धारक भ्रमित नहीं कर पाएंगे। इससे प्रशासन के अलावा असलहाधारकों को भी सहुलियतें मिलेगी। अंतिम तिथि में फेरबदल को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से संकेत नहीं दिया जा रहा है। नए असलहों के लाइलेंस पर रोक होने से पुराने लाइसेंस निरस्त होने पर असलहाधारकों की परेशानी बढ़ जाएगी। इस संबंध में जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि थाने और एसडीएम, एडीएम स्तर से सत्यापित किया जा रहा है। अंतिम तिथि तक सत्यापन न कराने पर लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे।