जिलाधिकारी गौरांग राठी की अदालत का मानना है कि उक्त संपत्ति को अपराध द्वारा अर्जित धन की मदद से खरीदा गया है। कुर्क होने वाली संपत्ति की कीमत सात करोड़ 30 लाख रुपये आंकी गई है। जौनपुर जेल में बंद मनीष मिश्र पर सामूहिक दुष्कर्म,एनएसए, गुंडा, गैंगस्टर, लूट, अपहरण, मारपीट, सम्पत्ति हड़पने, जालसाजी, रंगदारी सहित दो दर्जन मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है। मनीष मिश्र की संपत्ति को जल्द ही कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट के बाहर पूर्व विधायक विजय मिश्र
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सामूहिक दुष्कर्म सहित पांच दर्जन से अधिक मुकदमें में जेल में निरूद्ध सपा और निषाद पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्र और उनके कुनबे पर शासन की नजर टेढी बनी हुई है। करीब डेढ़ साल में 70 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपति कुर्क हो चुकी है, जबकि कई महानगरों में संपत्तियों का सर्वे किया जा रहा है।
रिश्तेदार की संपति हड़पने के मामले में अगस्त 2020 में मध्य प्रदेश के आगर से गिरफ्तार पूर्व विधायक पर कुछ महीने में ताबड़तोड़ दो दर्जन से अधिक मुकदमें दर्ज हुए। जिसमें धमकी, सामूहिक दुष्कर्म, गैंगेस्टर सहित अन्य मुकदमें शामिल हैं। इस दौरान बेटे विष्णु मिश्र, भतीजे मनीष मिश्र, पत्नी रामलली मिश्र सहित कुनबे के दर्जन भर से अधिक सदस्यों को भी शामिल किया गया। उनकी पत्नी रामलली मिश्र को फिलहाल कोर्ट से राहत मिली हुई है, जबकि विकास मिश्र, भतीजे मनीष मिश्र जेल में बंद है।