यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने के बाद अब स्नातक में दाखिले के लिए भागदौड़ शुरू हो गई है। अभिभावक और विद्यार्थी कॉलेजों के प्रवेश के लिए भागदौड़ करने लगे हैं, लेकिन उत्तीर्ण छात्रों और सीटों के बीच डेढ़ से दो गुने तक का अंतर होने से एक-एक सीट पर दावेदारों को प्रवेश के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। सीबीएसई और आईसीएसई का रिजल्ट आने पर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ जाएगी।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सहित जिले में 24 वित्तपोषित, राजकीय और वित्तविहीन महाविद्यालय संचालित हैं। अकेेले केएनपीजी कॉलेज में ढाई हजार स्नातक की सीटें हैं, जबकि अन्य कॉलेजों को मिलाकर 10 हजार के करीब सीटें हैं। पिछले दिनों यूपी बोर्ड के रिजल्ट में इंटरमीडिएट के 18 हजार 830 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं और सीटों की संख्या में काफी अंतर है। इससे अभिभावक संग छात्र-छात्राओं की चिंता भी प्रवेश को लेकर बढ़ने लगी है। यदि पॉलिटेक्निक, आईटीआई संग अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी दो से तीन हजार छात्र-छात्राएं अन्यत्र जाते हैं, तब भी करीब पांच हजार को प्रवेश के लिए जूझना होगा। सीबीएसई और आईसीएसई का रिजल्ट आने पर प्रवेश का रास्ता और भी कठिन हो जाएगा। केएनपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे ने कहा कि कॉलेज में स्नातक की ढाई हजार सीटें हैं। प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने पर सीटों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जाएगी। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि स्नातक की सीटें कम होने से कॉलेज की मेरिट बढ़ेगी। ऐसे में कम अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं की समस्या बढ़ेगी।