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पैमाइश के लिए घूस मांगने का लगाया आरोप

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मैडम मैं अपनी भूमिधरी जमीन पर कब्जा पाने के लिए कई माह से परेशान हूं। पक्की पैमाइश के लिए आवेदन किया, रसीद कटवाया, लेकिन अब तक पैमाइश नहीं हुई। राजस्व कर्मी द्वारा पक्की पैमाइश के लिए घूस मांगा जा रहा है। 25 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 18 हजार रुपये दे भी दिया। इसके बावजूद पैमाइश नहीं हो रही है। इस तरह की शिकायत शनिवार को ज्ञानपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उप जिलाधिकारी प्रिंयका प्रियदर्शिनी के सामने शिवनाथ पट्टी के प्रेमसागर दुबे ने की। इस पर एसडीएम ने वहां मौजूद संबंधित कानूनगो रोशन सिंह को बुलाया और पूरे मामले की जानकारी ली। इस पर रोशन सिंह ने घूस मांगने के आरोप को बेबुनियाद बताया। कहा कि पैमाइश हुई है, रिपोर्ट देना बाकी है। इस पर एसडीएम थोड़ी नाराज हुईं और यथाशीघ्र पैमाइश करके समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि एक लेखपाल से न हो तो तीन-चार लेखपाल को ले जाकर काम कराएं। इसी तरह के और भी मामले तहसील दिवस में आए।
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तहसील औराई और ज्ञानपुर में शनिवार को संपन्न हुए संपूर्ण समाधान दिवस पर 102 मामले आए। जिनमें से छह और औराई तहसील में आए 45 में से तीन मामलों का निस्तारण करते हुए अन्य मामलों को निर्धारित समय में निस्तारण करके रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। कोइरौना थाना क्षेत्र के डीघ निवासी दिव्यांग राहुल यादव ने पांचवीं बार प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि वह जिस बस्ती में रहते हैं, वहां तक पहुंचने के लिए 30 वर्ष बाद भी रास्ता नहीं मिल सका है। ग्राम प्रधान गंगाधर यादव से मांग करने पर रास्ते के निर्माण की पहल शुरू करने पर मनबढ़ व्यवधान पैदा कर रहे हैं। जबकि जिस जमीन पर रास्ता प्रस्तावित है, वह राजस्व की खतौनी में सरकारी जमीन के नाम दर्ज है। कलिकमवैया निवासी आलोक कुमार दुबे ने आरोप लगाया कि भूमिधरी की जमीन पर कुछ लोग जबरन कब्जा कर लिए हैं। पुलिस कोई कार्रवाई न कर विवाद बढ़ा रही है और राजस्व कर्मी सब कुछ जानते हुए अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को नहीं दे सके हैं। सुधवै निवासी राजमनी देवी ने शिकायत की कि वह तीन वर्ष से थाना, तहसील, मुख्यालय का चक्कर काट रही हैं लेकिन कोई सुनवाई हो रही है। अभोली ब्लॉक के सरायरुद्दी निवासी सुर्मिला देवी, सोनी देवी ने बताया कि वह 10वीं बार प्रार्थनापत्र दे रही हैं, लेकिन न्याय नहीं मिल सका। अधिकारी राजस्व कर्मियों को निर्देश देते हैं, जो दूसरे दिन भूल जाते हैं। आरोप लगाया कि चुनावी रंजिश के कारण पूर्व ग्राम प्रधान आवंटित आवास नहीं बनने दे रहे हैं। पात्रता सूची में नाम डालने के लिए यह कहते हुए आवास नहीं बनने दे रहे हैं कि तुम लोगों ने वोट नहीं दिया है। आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सचिव के पास जाने पर पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है। एसडीएम प्रियंका प्रियदर्शिनी ने कहा कि पीड़ितों के मामले में प्रशासन पूरी नजर रख रहा है। निस्तारण में लापरवाही होने पर जिम्मेदारों पर सख्ती की जाएगी।
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