ज्ञानपुर। जिले के एकलौते पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित संस्कृत के प्रकांड विद्वान स्व. डॉ. कपिल देव द्विवेदी प्रोफेसर कॉलोनी में रहते थे। इस कालोनी में नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण कूड़े का अंबार लगा रहता है। नालियों में सिल्ट जमा होने के कारण पानी ओवरफ्लो करता रहता है। बारिश के मौसम में घुटने भर पानी लगा रहता है। कॉलोनीवासियों की ओर से शिकायत करने के बाद भी समस्याओं का निदान नहीं हो रहा है। कालीन नगरी के गौरव के रूप में याद किए जाते हैं। डॉ. कपिल देव द्विवेदी को 23 मार्च 1991 में भारत के राष्ट्रपति डॉ. आर वेंकटरमन के द्वारा संस्कृत भाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था। डॉ. कपिल देव ज्ञानपुर के प्रतिष्ठित केएनपीजी कॉलेज में संस्कृत विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर भी रहे। उन्होंने 80 से ज्यादा संस्कृत भाषा की पुस्तकों की रचना की। ज्ञानपुर के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित जिस घर में डॉ. कपिल देव रहकर संस्कृत भाषा में पुस्तकों का लेखन करते थे, आज उसी घर में हर बार बारिश के बाद पानी भर जाता है। डॉ. कपिल देव द्विवेदी के पुत्र व रिटायर्ड असिस्टेंट प्रोफेसर भारतेंदु द्विवेदी ने बताया कि प्रोफेसर कॉलोनी व आस पास के मोहल्ले में बारिश के दिनों में घुटने भर पानी लग जाता है। जिला प्रशासन व नगर पंचायत की ओर से जल निकासी की सुविधा नहीं होने से कॉलोनी व मोहल्ले में अक्सर जलभराव हो जाता है। ज्ञानपुर की पॉश कॉलोनियों में शुमार प्रोफेसर कॉलोनी में मच्छरों का भरमार है। प्रोफेसर कॉलोनी से होकर गुजरने वाली सड़क का नाम पद्मश्री रखा गया है। दरअसल पद्मश्री मार्ग पर सड़क किनारे की नालियां खुली हुई हैं। इसमें अक्सर कूड़ा-करकट भर जाता है। सफाई नहीं होने के कारण हर बार भारी बारिश के बाद इस सड़क पर जलभराव हो जाता है। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञानपुर नगर में सीवर, जलनिकासी, कूड़ा निस्तारण व अन्य सुविधाओं को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है। नगर पंचायत की ओर से अभी तक न तो सीवर व्यवस्था को सही किया गया और न ही जलनिकासी की सुविधा को बेहतर बनाया जा सका। इस वजह से हर बार भारी बारिश में लोगों की घरों में पानी भर जाता है। डॉ. भारतेंदु द्विवेदी ने बताया कि बारिश होने के बाद घर जाने वाले रास्ते पर घुटने तक जलभराव हो जाता है। अक्सर लोग घर पर पिता जी का कमरा व उनकी लाइब्रेरी देखने के लिए आते हैं और बैठकर लेखन कार्य व अध्ययन करते हैं।