मीटर रीडरों और बिजली निगम की लापरवाही का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। कई बार गलतियों का संशोधन कराने के लिए बिजली विभाग के दफ्तर का चक्कर लगाना पड़ता है।
ताजा मामला अभोली के मतेथू गांव का है। यहां पर एक उपभोक्ता का बिल माह भर में 60 हजार बढ़ गया। अब संशोधन के लिए वह दो महीने से बिजली निगम के कार्यालय का चक्कर काट रहा है। मतेथू गांव निवासी 75 वर्षीय रमाशंकर दुबे ने बताया कि अगस्त महीने में उनका बिजली बिल मात्र 710 रुपये था, जबकि सितंबर में अचानक बिल बढ़कर करीब 61 हजार रुपये पहुंच गया।
भारी बिल देखकर वह हैरान रह गए और तत्काल पावर हाउस पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित का आरोप है कि पिछले एक महीने से वह विभागीय अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ।
विभाग ने मीटर के स्टोर होने को बिल बढ़ने का कारण बताया, मगर उपभोक्ता का कहना है कि यदि मीटर स्टोर था तो समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि एक्स पर शिकायत करने के बाद फर्जी निस्तारण दिखाकर मामले को बंद कर दिया गया। पीड़ित ने डीएम, मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर बिल संशोधन और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।