फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhadohi News: ज्ञानपुर मंडी में 50 रुपये किलो बिक गया प्याज

विज्ञापन
ज्ञानपुर नगर में लगी प्याज की दुकान। संवाद
विज्ञापन
महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को प्याज के बढ़ते दामों ने भी परेशान करना शुरू कर दिया है। चीनी के दामों में बढ़ोतरी के बाद अब प्याज की कीमतों में अचानक उछाल आने से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। कई घरों में बिना सलाद के थाली सज रही है। सब्जी का स्वाद भी फीका हो गया है।
विज्ञापन

जिले में प्याज की कीमत एक महीने पहले 21 से 22 रूपये किलो थी। एक सप्ताह पहले तक 30 से 35 रुपये में थी। मंगलवार को ज्ञानपुर की मंडी में प्याज 50 रुपये किलो बिक गया। दुकानदार समीर राइन ने कहा कि अच्छी क्वालिटी की प्याज 60 तो सामान्य 50 रुपये किलो लोगों ने खरीदा। थोक बाजार में एक सप्ताह के भीतर करीब 1500 से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर फुटकर बाजार पर पड़ा है। चीनी के बाद प्याज का दाम बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। महंगाई की मार से मध्यमवर्गीय लोग सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं। कहा कि बारिश अधिक होने के कारण जहां से प्याज आता है, वहां कई गोदामों में रखा प्याज सड़ गया है। इससे वहां की मंडियों में प्याज कम मात्रा में उपलब्ध हो रही है। इसी वजह से प्याज के दाम में अचानक उछाल आया है। अभी दामों में नियंत्रण होने के कोई आसार नहीं हैं। दाम बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है।
-
बोलीं गृहणी
प्याज के दाम अचानक बढ़ने से घर का बजट प्रभावित हो गया है। पहले जहां सब्जी और सलाद में पर्याप्त मात्रा में प्याज इस्तेमाल कर लेते थे, वहीं अब कीमत बढ़ने के कारण मात्रा कम करनी पड़ रही है। रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम पहले ही बढ़े हुए हैं, ऐसे में प्याज की महंगाई ने परेशानी और बढ़ा दी है। - ओवंतिका मिश्रा, घाटमपुर।
विज्ञापन

-
- प्याज के दाम में एक सप्ताह में इतनी तेजी से बढ़ोतरी होना चिंता की बात है। रसोई में प्याज का इस्तेमाल लगभग हर सब्जी में होता है। दाम बढ़ने के कारण अब सब्जी बनाते समय प्याज का हिसाब लगाना पड़ रहा है। सरकार को बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। - तारा पांडेय, भीमपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें