विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 229 जोड़ों की धार्मिक रीति रिवाज से शादी कराई गई। इनमें 225 हिंदू और चार मुस्लिम गरीब बेटियां वैवाहिक बंधन में बंधीं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। विदाई में उपहार भी दिए गए।
विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के लिए मंडप को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शनिवार को सुबह से ही ब्लॉकों और निकायों से अधिकारी जोड़ों को लेकर पहुंचने लगे। दोपहर 12 बजते-बजते जीआईसी परिसर में वर-वधू पक्ष के लोगों के आने से भीड़ लग गई। उसके बाद सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अग्नि को साक्षी मानकर 225 जोड़े एक दूजे को हो गए, जबकि चार मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया। इसके पूर्व सामूहिक विवाह का शुभारंभ सांसद रमेश चंद्र बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी, दीनानाथ भाष्कर, डीएम आर्यका अखौरी और सीडीओ भानु प्रताप सिंह ने विधि विधान पूर्वक किया। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि किसी गरीब की बेटी की शादी पैसे के अभाव में न रुके। उन्होंने बताया कि महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विधायकों ने कहा कि बेटियों की शादी पिता की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसके लिए गरीब परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री के प्रयास से अब किसी गरीब को कर्ज लेने की नौबत नहीं आती। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें कन्या को 35 हजार रुपये दिए जाते हैं। विवाह के बाद सभी को पंडाल में भोजन कराया गया। इस मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव, अजय कुमार सिंह, बालेश धर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।