ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर की गई धांधली की पोल परत दर परत खुल रही है। अब अभोली ब्लॉक के नागमलपुर गांव में खड़ंजा, हैंडपंप रिबोर, स्ट्रीट लाइट के साथ ही अन्य कार्यो में 21 लाख रुपये के धांधली का मामला प्रकाश में आया है। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट पर पूर्व प्रधान और सचिव को डीएम आर्यका अखौरी ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
नागमलपुर गांव निवासी जटाशंकर यादव, मानिक चंद्र पांडेय और अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मनरेगा, हैंडपंप रिबोर, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य विकास कार्यो में धांधली का आरोप लगाया था। डीएम ने जांच के लिए अधिशासी अभियंता लोक निर्माण एसबी राव और उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह को नामित किया। जांच में पाया गया कि वर्ष 2016-17 में मनरेगा के तहत जो कार्य हुए उसी को 2019-20 में दिखाकर एक लाख 51 हजार रुपये निकाले गए। कमला तिवारी के घर के पास से खड़ंजा मरम्मत के नाम पर एक लाख 78 हजार निकाले गए जबकि 2014-15 में उक्त मार्ग को लोक निर्माण विभाग ने बनाया था। खड़ंजा के नाम पर एक लाख 39 हजार का अपव्यय मिला। स्ट्रीट लाइट के नाम पर वर्ष 2018-19 में 68 लाभार्थियों के यहां हैंड लाइट लगा मिला। जिसकी कीमत 100 रुपये आंकी गई जबकि सात लाख 87 हजार 200 खर्च दिखाया गया। डस्टबिन के नाम पर एक लाख 97 हजार खर्च दर्शाया गया जबकि मौके पर मात्र एक डस्टबीन मिला। ऐसे में एक लाख 96 हजार 500 का अपव्यय मिला।
वर्ष 2019-20 में पुन: स्ट्रीट लाइट के नाम पर करीब दो लाख निकाले गए जबकि लाभार्थियों के घर हैंड लाइट लगा मिला। 2019-20 में प्राथमिक विद्यालय में सोलर वाटर पंप के नाम पर दो लाख 47 हजार खर्च किया गया। एक लाख से अधिक खर्च करने के लिए कमेटी की अनुमति नहीं ली गई। मौके पर एक पंप मात्र मिला जिसकी कीमत 50 हजार है। ऐसे में एक लाख 97 हजार अपव्यय मिला। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार गांव में 21 लाख आठ हजार 673 रुपये का गबन मिला। आख्या मिलने पर डीएम आर्यका अखौरी ने पूर्व सचिव गणेश राय और पूर्व प्रधान साहब लाल तिवारी को नोटिस भेजकर 15 दिन में जवाब मांगा है। चेतावनी दिया कि जवाब न मिलने पर वसूली की जाएगी। वहीं दूसरी ओर पूर्व प्रधान और सचिव ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारियों ने बिना शिकायकर्ता और प्रधान की मौजूदगी में जांच पूरी कर ली। पूरी जांच संदिग्ध है।