ज्ञानपुर। जिले में 15 हजार वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के सड़कों पर चल रहे हैं। जिले में पंजीकृत 20 फीसदी से अधिक वाहनों में एचसीपी प्लेट नहीं लगा है।
चोरी और जालसाजी को रोकने के लिए शासन ने साल 2019 में दोपहिया, चार पहिया सहित अन्य वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया। 2019 के बाद से एचसीपी प्लेट लगने के बाद ही नए वाहन शोरूम से बाहर निकलते हैं। वहीं, इससे पूर्व के 80 फीसदी वाहनों में ही एचसीपी लगा है। जिले में दो लाख 85 हजार (दोपहिया, चार पहिया और भारी) वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 2019 से पहले के एक लाख 52 हजार वाहन हैं। 2022 से लेकर अब तक 1.27 लाख ( 83 फीसदी) पुराने वाहनों में ही एचसीपी प्लेट लग पाया है। 17 फीसदी वाहनों में एचसीपी नहीं लगा है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि एक लाख 52 हजार वाहनों में से करीब 25 हजार वाहन 15 साल की अवधि पूर्ण कर चुके हैं। वाहन चालकों ने उसका रजिस्ट्रेशन समाप्त नहीं कराया है।
इनसेट
ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाकर खुद बदलवा सकते हैं नंबर प्लेट
ज्ञानपुर। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करके आसानी से बदलवाया जा सकता है, क्योंकि नियम के उल्लंघन पर पांच से दस हजार रुपये तक जुर्माना लगता है। जानकारों के मुताबिक पुराने नंबर प्लेट को बदलने के लिए बुक माई एचएसआरपी पर लाॅगिग कर नंबर प्लेट बदला जा सकता है। चार पहिया वाहनों के लिए लगभग 1100 से 1200 रुपये तथा दो पहिया वाहनों के लिए लगभग 400 से 500 रुपये किसी भी यूपीआई से ऑनलाइन जमा करना होता है।
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वर्जन
अप्रैल 2019 से खरीदे वाहनों में एचसीपी लगकर आ रहा है। उसके पूर्व के वाहनों में ज्यादातर खराब हो चुके हैं। 15 हजार वाहन में नंबर प्लेट न लगने का अनुमान है। अब तक बिना एचसीपी प्लेट लगे 10 से 12 हजार वाहनों का चालान किया जा चका है। इसे वाहनों में लगवाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। - राम सिंह, एआरटीओ।