ज्ञानपुर। संपूर्ण समाधान दिवस में भी फरियादियों को न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। पांच से सात बार तहसील आने के बाद प्रकरणों का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिले की तीनों तहसीलों में मंगलवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 315 प्रार्थना पत्र आए, जिनमें से 15 मामलों का ही मौके पर निस्तारण किया जा सका। शेष प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभाग को सौंपा गया।
ज्ञानपुर तहसील में डीएम राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। डीएम ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले प्रार्थना पत्रों को लंबित न रखा जाए। शिकायतों का निस्तारण न करने वाले अफसरों का वेतन रोका जाएगा। ज्ञानपुर तहसील में दूर-दराज ग्रामीण अंचलों से विभिन्न विभागों से कुल 149 फरियादियों ने अपने-अपने प्रार्थना पत्र दिए, जिनमें सात का निस्तारण हो सका। मौके पर एसपी राजेश एस, सीडीओ हरिशंकर सिंह, एसडीएम ज्ञानपुर अमृता सिंह, सीएमओ डॉ. सतीश सिंह, डॉ. आरबी मौर्य, डीडीओ जयकेश त्रिपाठी, डीआईओएस अशोक चौरसिया, बीएसए अमित सिंह आदि रहे।
औराई तहसील में एसडीएम अभय कुमार पांडेय की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न विभागों के 77 प्रार्थना पत्र आए जिसमें चार का निस्तारण हुआ। भदोही तहसील में एसडीएम यमुनाधर चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में आए 89 प्रार्थना पत्रों में से चार का मौके पर निस्तारण किया जा सका।
केस-1- ज्ञानपुर नगर से सटे लखनो दुबान निवासी जगदीश कुमार दूबे, कोको दूबे, झूरू आदि हैंडपंप के सोख्ते का निर्माण कराने के लिए तीन तहसील दिवस से दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनका सोख्ता नहीं बन सका। अधिकारी हर बार आश्वासन देकर मामले को टाल दे रहे हैं।
केस-2- मोढ़ के बदलीपुर निवासनी मैना देवी पांचवीं बार तहसील में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगा चुकी हैं। भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की मांग उसकी पूरी नहीं हो पा रही है। आरोप है कि पुलिस सिर्फ खानापूर्ति के लिए मौके पर जाती है।