इस बार गर्मी में सूबे के उपभोक्ताओं को बिजली के लिए तरसना पड़ जाए तो यह बड़ी बात नहीं होगी।
गर्मी में बिजली की मांग और उपलब्धता के जो आंकड़े सामने आ रहे है उसे देखते हुए महानगरों से लेकर गांवों तक जबरदस्त आपात कटौती होना करीब तय है।
हालांकि पावर कॉर्पोरेशन अतिरिक्त बिजली के इंतजाम में जुटा है लेकिन आपूर्ति पटरी पर रखना आसान नहीं होगा। बिजली के लिए पावर कॉर्पोरेशन को अब केंद्र व उन राज्यों का ही आसरा है, जिनके पास सरप्लस बिजली उपलब्ध है। इसके लिए अधिकारी हाथ-पांव मार रहे हैं।
कॉर्पोरेशन की खस्ता हालत को देखते हुए ट्रेडिंग कंपनियां भी यूपी को बिजली देने में नखरे दिखा रही हैं। द्विपक्षीय समझौते के तहत बिजली खरीदने के लिए विद्युत नियामक आयोग से मंजूरी लेकर पिछले महीने हुई टेंडर की प्रक्रिया रद्द करके नए सिरे से टेंडर मांगे गए हैं। ये टेंडर 16 अप्रैल को खोले जाएंगे।
प्रदेश में इस समय बिजली की औसत मांग 10,000-10,500 मेगावाट है। मई-जून में औसत मांग 12,000-12,500 मेगावाट तथा अधिकतम मांग 15000 मेगावाट से ऊपर पहुंचने का अनुमान है।
उत्तरी क्षेत्र विद्युत समिति (एनआरपीसी) द्वारा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा निर्धारित फार्मूले पर उत्तरी ग्रिड से जुडे़ राज्यों में 2013-14 में हर महीने बिजली की अधिकतम मांग व उपलब्धता के कराए गए आकलन के अनुसार यूपी में पूरे साल बिजली की भारी कमी रहने का अनुमान है।
बिजली की कमी को पूरा करने के लिए कॉर्पोरेशन अन्य स्रोतों से बिजली का इंतजाम करने की कोशिश में जुटा है। अभियंताओं की मानें तो अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था के बावजूद गर्मी में मांग और उपलब्धता में 2500-3000 मेगावाट का अंतर बना रहेगा और अतिरिक्त आपात कटौती होना तय है।
बिजली खरीद के लिए दोबारा टेंडर
7 मार्च को हुए टेंडर में हिस्सा में लेने वाली ट्रेडिंग कंपनियों ने एक सप्ताह के भीतर भुगतान और उसके बाद बकाये पर सरचार्ज की शर्त रख दी थी, जिसके चलते इन टेंडरों को रद्द करके नए सिरे से टेंडर मांगने का फैसला किया गया है।
3 अप्रैल को नियामक आयोग की हरी झंडी मिल जाने के बाद शनिवार को 1000 मेगावाट बिजली खरीदने के लिए टेंडर का प्रकाशन कराया गया है। 15 अप्रैल तक टेंडर डाले जा सकेंगे तथा 16 अप्रैल को खोले जाएंगे। यह बिजली रात 12 बजे से सुबह छह बजे, रात 10 बजे से 12 बजे तथा सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे के बीच खरीदी जाएगी।
2013-14 में बिजली की संभावित मांग और औसत उपलब्धता
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माह ---------- अधिकतम मांग ---------- औसत उपलब्धता (मेगावाट में)
अप्रैल 13 ---------- 11957 ---------- 6836
मई 13 ---------- 15366 ---------- 9615
जून 13 ---------- 15839 ---------- 9602
जुलाई 13 ---------- 14269 ---------- 8961
अगस्त 13 ---------- 13578 ---------- 8079
सितंबर 13 ---------- 14094 ---------- 8266
अक्तूबर 13 ---------- 13794 ---------- 8670
नवंबर 13 ---------- 13822 ---------- 7679
दिसंबर 13 ---------- 13398 ---------- 8040
जनवरी 14 ---------- 12203 ---------- 7593
फरवरी 14 ---------- 16423 ---------- 8322
मार्च 14 ---------- 12135 ---------- 7638
‘फिलहाल अभी बिजली आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। गर्मी के लिए अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है। कोशिश यही है कि उपभोक्ताओं को निर्धारित समयसारिणी के अनुसार बिजली आपूर्ति हो। इसके लिए जो भी जरूरी होगा किया जाएगा।’
- एपी मिश्रा, प्रबंध निदेशक, पावर कॉर्पोरेशन