लूट और चोरी की घटनाओं से आजिज लोगों का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया। लोगों ने सड़क पर उतरकर एसओ के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। पुलिस ने फायरिंग की तो लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। पुलिस-पब्लिक के बीच जमकर पथराव हुआ।
पथराव में बिहार एसओ, एक चौकी इंचार्ज और सिपाही घायल हो गए। घायलों को पाटन स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख बिहार थानाध्यक्ष को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
लूट-चोरी से खफा लोग सड़क पर उतरे
बारासगवर थाना क्षेत्र में महीने भर से लगातार लूट और चोरी की घटनाएं हो रही हैं, किंतु पुलिस इनकी रिपोर्ट नहीं दर्ज कर रही है। इससे खफा लोग शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर लोगों ने सुबह करीब दस बजे ऊंचगांव चौराहे पर जाम लगा दिया।
लोग बारासगवर थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग कर रहे थे। जाम लगने के बाद ऊंचगांव चौकी इंचार्ज साथियों के साथ पहुंचे, मगर भीड़ के विरोध के चलते उन्हें उल्टे पांव लौटना पड़ा।
इसके बाद बारासगवर थानाध्यक्ष राजीव यादव दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क से हटने के लिए कहते हुए भीड़ में घुस गए। भीड़ ने उन्हें घेरने का प्रयास किया तो वे लौट गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एसओ का पुतला बनाया और उसे पीटने के बाद आग लगा दी।
भीड़ ने जमकर चलाए पत्थर
इसी बीच बिहार थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र तिवारी भी दो हमराही के साथ पहुंच गए। इसी दौरान बारासगवर की तरफ से आए चार पहिया वाहन को रोकने के लिए लोग दौड़ पड़े। भीड़ को हमलावर देख पुलिस ने कई राउंड फायरिंग कर दिया।
जवाब में भीड़ ने जमकर पत्थर चलाए। हमले में दोनों पक्ष के लोगों को चोटें आईं। पथराव में बिहार एसओ सुरेश चंद्र तिवारी, ऊंचगांव पुलिस चौकी इंचार्ज केसी गौतम और सिपाही रुद्रपाल जख्मी हो गए। सिर और चेहरे पर गहरी चोट लगने से एसओ लहूलुहान हो गए।
घायलों को पाटन स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर एसओ को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पर एसपी रतन कुमार श्रीवास्तव जिला अस्पताल पहुंचे और घायल थानाध्यक्ष का हालचाल लिया। उन्होंने घटना की जांच कराने और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।