छुट्टा गोवंश को नहीं मिल पा रहा आसरा
जिले में 54 गो आश्रय स्थल, क्षमता 3240 की, रखे गए हैं 3956 गोवंश
बस्ती। खुले में घूमने वाले गोवंश को आसरा देने के लिए स्थापित गो आश्रय स्थल जिले में बेमानी साबित हो रही है। शहर से गांव व कस्बों तक खुले में घूमते गोवंश इसके गवाह हैं।
जिले में 54 गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इनमें 3240 गोवंश को रखने की क्षमता है, लेकिन यहां 3956 गोवंश रखे गए हैं। ऐसे में शहर से गांवों तक घूमने वाले तमाम गोवंश को शासन के निर्देश के बाद भी आसरा नहीं मिल पा रहा है। हालांकि चार गोआश्रय स्थल अभी निर्माणाधीन हैं, लेकिन खुले में घूमने वाले गोवंश को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बार फिर सख्त तेवर अख्तियार करने के बाद जिला प्रशासन की बेचैनी बढ़ गई है।
डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि खुले में घूम रहे गोवंश को गोआश्रय तक पहुंचाने के लिए ब्लॉकों में टीमें गठित की गई हैं। इसकी निगरानी के लिए सीडीओ को निर्देशित किया गया है। चेतावनी दी गई कि कहीं भी खुले में गोवंश दिखेंगे तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, शहर की सड़कों से लेकर देहात की गलियों और खेल-खलियान तक घूमते छुट्टा गोवंश देखे जा सकते हैं। शहर की सड़कों और हाईवे पर यह अक्सर हादसों का कारण भी बनते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अधिकारी इस पूरे हालात से वाकिफ हैं, लेकिन अनदेखी जारी है।