चीनी मिल की चिमनी पर चढ़े शख्स।
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बस्ती जिले में बंद पड़ी चीनी मिल चलाने व किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने को लेकर नाराज दो मिल कर्मचारी मिल की चिमनी पर चढ़ गए। उन्हें उतारने के लिए प्रशासन व पुलिस काफी प्रयास किया। मगर मिल चलाए जाने का आदेश होने तक उतरने को तैयार नहीं हुए। बाद में अफसरों के समझाने के बाद आठ घंटे के बाद दोनों चिमनी से उतर गए। पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फायर बिग्रेड की गाड़ी एंबुलेंस सहित तमाम सुरक्षा के इंतजाम कर दिए गए।
गोविंद नगर शुगर मिल वाल्टरगंज वर्ष 2018 से बंद चल रही है। जिसे चलाने के लिए श्रमिकों द्वारा कई बार प्रदर्शन किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पिछले कई दिनों से मिल के श्रमिक सांसद विधायक सहित जिले के आला अधिकारियों से मिलकर अपनी मांगे रख रहे हैं। मंगलवार सुबह चीनी मिल गेट पर भारतीय समाज पार्टी की ओर से मिल चलाए जाने के लिए एक दिवसीय धरने का आयोजन किया गया था। जिसमें क्षेत्र के गन्ना किसान और मजदूर शामिल हुए।
अचानक दोपहर 1:30 बजे के करीब दो कर्मचारी मिल की चिमनी पर चढ़ गए। चीनी मिल चलाने और गन्ना किसानों का भुगतान सहित विभिन्न प्रकार के मांगों को रखकर मुख्यमंत्री से बात करने की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलते ही मौके पर एडीएम अभय कुमार मिश्र, क्षेत्राधिकारी धनंजय सिंह कुशवाहा थानाध्यक्ष वाल्टरगंज दुर्विजय, थानाध्यक्ष सोनहा रामकृष्ण मिश्रा, थानाध्यक्ष रुधौली संजय कुमार मिश्रा ,तहसीलदार बस्ती सदर सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचकर चिमनी पर चढ़े मजदूरों को नीचे उतारने के लिए घंटों मशक्कत करते रहे। लेकिन वह अपनी मांगों को पूरा होने तक चिमनी से नीचे न उतरने की बात कहते रहे।
इस दौरान आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में चीनी मिल गेट पर जमा हो गए। फिलहाल पुलिस चढ़े कर्मचारियों को नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, बाद में अफसरों के समझाने के बाद रात करीब 9.30 बजे चिमनी से नीचे उतरे।
इसके पहले भी मजदूर मिल चलाने को लेकर चिमनी पर चढ़े थे, जिन्हें जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद नीचे उतारा गया था। अधिकांश मजदूरों का कहना है कि चीनी मिल बंद होने से लोग आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और कोई भी सांसद और विधायक मिल चलाने को लेकर गंभीर नहीं दिखाई पड़ रहा है।