जिले की सोनहा पुलिस ने नकली नोट का कारोबार करने वाले दो शातिरों को शनिवार देर शाम गिरफ्तार किया था। रविवार को दोनों को कोर्ट में पेश कर दिया। दोनों के कब्जे से पांच सौ और दो सौ रुपये के 52,400 नकली नोट बरामद किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया कि दोनों काफी संख्या में नकली नोट बाजार में खपा चुके हैं। इसके बाद बाजार में खलबली मची हुई है।
पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों की पहचान आभास कुमार उर्फ सर्वेंद्र पुत्र चैतुराम निवासी ग्राम परसाकुतुब थाना सोनहा व जितेंद्र कुमार सोनी पुत्र रामदुलारे निवासी ग्राम खैरा थाना सोनहा के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से एक लैपटॉप, एक स्कैनर/प्रिंटर, एक पेपर कटर, टेप, स्टील की पटरी बरामद की गई है। जिसकी मदद से दोनों नकली नोट तैयार करते थे। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल, 18 अर्द्धनिर्मित नोट व अन्य सामान भी मिला है।
पूछताछ में आभास कुमार उर्फ सर्वेंद्र ने बताया कि दोनों ने मिलकर कुछ दिन पहले 500 और 200 रुपये के कुछ नोट छापे थे। यह जब बाजार में चल गए तो उन्हें लगा कि उन्हें असली की तरह दिखने वाले नकली नोट तैयार करने में कामयाबी मिल गई है। इसके बाद बड़े स्तर पर नकली नोट छापने लगे। बताया कि पकड़े गए नकली नोटों को जितेंद्र कुमार के घर पर छापा गया था। जिसे चलाने के लिए वह बाजार में जा रहे थे, लेकिन पकड़े गए।
गूगल से ली नकली नोट बनाने में मदद
आभास और जितेंद्र ने बताया कि नकली नोट बनाने से पहले काफी तैयार की। लैपटॉप में गूगल से नोटों की पिक्चर डाउनलोड की और उसे एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्कैनर प्रिटंर से छापा। कई बार के अभ्यास के बाद हूबहू असली की तरह दिखने वाले नोट तैयार हो गए। बताया कि काफी नोट बाजार में चला चुके हैं, लेकिन कोई भी नकली नोट को पहचान नहीं सका।