परिजनों का आरोप, इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी सेहत, तब किया रेफर
तीन घंटे तक पीएचसी परिसर में किया प्रदर्शन, मान-मनौव्वल के बाद माने
संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटी। पीएचसी बनकटी पर प्रसव के बाद रक्तस्राव रोकने के लिए प्रसूता को तीन इंजेक्शन लगा दिए गए। इससे उसे झटके आने लगे और मुंह से झाग निकलने लगा। आनन-फानन उसे पीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजन प्रसूता को मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। शनिवार की देर रात तक परिजन पीएचसी के सामने शव रखकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस के हस्तक्षेप पर परिजन शांत हुए।
लालगंज क्षेत्र के खरवनिया गांव निवासी स्व. इंद्रजीत उर्फ लहुरी की 27 वर्षीय बेटी सुमन की शादी संतकबीरनगर जिले के दुधारा क्षेत्र के पस्टोरवा गांव के हीरा लाल से हुई है। कुछ दिन पहले सुमन दूसरे बच्चे की डिलीवरी के लिए मायके आई थी। शनिवार की देर शाम सुमन ने मायके में एक बेटी को जन्म दिया। जन्म के बाद रक्तस्राव न रुकने पर सुमन के भाई सर्वेश कन्नौजिया ने आशा कार्यकर्ता के कहने पर बहन को पीएचसी बनकटी लेकर गए। जहां जच्चा-बच्चा केंद्र पर स्वास्थ्य कर्मियों ने रक्तस्राव रोकने के लिए तीन इंजेक्शन लगाए।
सर्वेश ने बताया कि इंजेक्शन के बाद सुमन की हालत और खराब हो गई। इंजेक्शन लगने के बाद प्रसूता को झटके आने लगे और मुंह से झाग निकलने लगा। स्थित गंभीर देकर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही प्रसूता की मौत हो गई। प्रसूता का शव लेकर पीएचसी पहुंचे परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
करीब तीन घंटे तक परिजन पीएचसी पर हंगामा करते रहे। मौके पर पहुंचे लालगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार व एमओआईआई डाॅ. राजेश कुमार के समझाने बुझाने पर परिजन माने। थानाध्यक्ष ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर रविवार को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एमओआईसी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि प्रसूता को ट्रेनेक्सा, मोनोसेफ व पेनटॉप इंजेक्शन लगाए गए थे। स्थिति में सुधार न होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था।
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कोट
प्रसूता की डिलीवरी घर पर ही हुई थी। रक्तस्राव होने पर परिजन पीएचसी पर लेकर आए थे। प्रसूता का खून अधिक गिर गया था। इंजेक्शन रक्तस्राव रोकने के लिए लगाए गए थे। मामले की अब तक किसी ने शिकायत नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के सही कारणों का पता चल जाएगा।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ