खेत में मिला महिला का शव
वाल्टरगंज (बस्ती)। थानाक्षेत्र के गाऊखोर गांव में एक महिला का शव खेत के किनारे लगे पानी में शनिवार की भोर में मिला। सुबह टहलने निकले लोगों की नजर पड़ी तो आसपास के लोगों को सूचना दी। घटना स्थल पर पहुंचे गांव के तुलसीराम ने साड़ी देखकर पहचान अपनी मां गायत्री देवी (50) पत्नी अमरनाथ गुप्ता के रूप में की और शव को घर लेकर चला गया। इधर घटनाक्रम की जानकारी किसी ने पुलिस को दे दी। थोड़ी देर में सीओ सिटी गिरिश कुमार सिंह, थानेदार डीके सरोज के साथ फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला पानी में सिर के बल डूबी थी। शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। संदिग्ध परिस्थितियों को भांपकर पुलिस टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ शव को कब्जे में ले लिया। मौके से शव के पास चूड़ी के टुकड़े बिखरे मिले हैं। घर पर भी पहुंचकर टीम ने छानबीन की। संदेह के आधार पर यहां से एक हसिया कब्जे में लिया है। पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह साफ होगी। मृतका गायत्री देवी के बेटे तुलसीराम ने पुलिस पूछताछ में बताया कि माता-पिता में पिछले एक सप्ताह से किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी। पिता अमरनाथ अलग खाना बनाकर खा रहे थे। शुक्रवार की शाम घर खर्च को लेकर पिता से कहासुनी हुई थी। उसके बाद घर के सभी लोग खाना खाकर सो गए। देर रात करीब दो-ढाई बजे माता-पिता में कुछ कहासुनी हुई और सुबह मां का शव गांव के उत्तर हीरालाल पांडेय के खेत में भरे पानी में सिर के बल डूबी मिली। उधर, मृतका गायत्री देवी के भाई की तहरीर पर पुलिस ने गायत्री देवी के पति अमरनाथ गुप्ता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। भादी खुर्द गांव के रहने वाले मृतका के भाई मधुश्याम ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है उनकी बहन से जीजा आए दिन लड़ाई झगड़ा करते थे। वह नशे के आदी थे। उसी ने उनकी बहन की हत्या की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष डीके सरोज ने बताया कि तहरीर के आधार पर मृतका के पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पिता बोला-बेटे ने उसे मारापीटा
संदिग्ध हाल में गायत्री देवी की मौत को लेकर जब पुलिस ने उसके पति अमरनाथ गुप्ता से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि शुक्रवार की रात करीब आठ बजे और फिर शनिवार की सुबह बेटे तुलसीराम ने उसे मारापीटा। बताया कि गौरा चौराहे पर मुंगफली की दुकान लगाकर परिवार का खर्च चलाते थे। लॉकडाउन की वजह से काम बंद हुआ तो घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई।
गांव में बड़े बेटे व बहू संग रहती थीं गायत्री
गाऊखोर की गायत्री देवी के दो बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा शिवशंकर (18) लुधियाना में रहता है। बड़ा बेटा तुलसीराम मुंबई में काम करता था। लॉकडाउन में गांव लौट आया है। वर्तमान में पति, बड़े बेटे तुलसीराम, बहू मानदेवी व तीन माह का एक बेटा आर्यन के साथ गायत्री देवी रहती थीं।