दो दिनों से परिषदीय शिक्षकाें के पास आ रहे डरावने फोन, मिल रही कार्रवाई की सूचना
विभागीय ग्रुप से लेकर बीएसए स्तर से जारी पत्र के जरिये शिक्षकों को किया गया सचेत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। साइबर अपराधियों ने धन उगाही का एक नया ट्रेंड अपनाया है। इस बार निशाने पर परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक हैं। उनके पास शिक्षकों का डाटा है। इस आधार पर शिक्षकों को फोन कर कार्रवाई की सूचना दी जा रही है। खुद को लखनऊ में तैनात विभागीय उच्चाधिकारी बताते हुए शिक्षक को उनके नाम के साथ विभिन्न कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जा रहा है। इससे बचाने के लिए रुपयों की मांग की जा रही है।
रविवार और सोमवार को जिले के एक दर्जन से अधिक शिक्षकों के फोन घनघनाएं। रिसीव करने पर बेसिक शिक्षा विभाग के विभिन्न उच्चाधिकारी बताते हुए बात की गई। संबंधित शिक्षक को विश्वास दिलाने के लिए उनका नाम और तैनाती स्थल भी बताया जा रहा है। इसके बाद उनके विरुद्ध निलंबन, स्थानांतरण एवं सेवा बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की जानकारी दी जा रही है।
संबंधित शिक्षक को कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल ऑनलाइन रुपये भेजने की सलाह दी जा रही है। हालांकि, साइबर अपराधियों के इस झांसे में किसी शिक्षक के आने की सूचना नहीं है। लेकिन, इस तरह के फोन आने के बाद विभाग में हलचल बढ़ी हुई है। शिक्षक अपने स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर कार्रवाई की सत्यता पूछ रहे हैं। इस तरह तमाम घटनाएं सामने आने के बाद सोमवार को विभागीय ग्रुप में शिक्षकों को साइबर अपराधियों से सजग रहने का मैसेज वायरल किया गया है।
मंगलवार को बीएसए अनूप कुमार ने पत्रक जारी कर सभी बीईओ, स्टॉफ एवं शिक्षकों को इस तरह के झांसे में न आने के लिए आगाह किया है। उन्होंने फोन पर दी जा रही किसी तरह की कार्रवाई की सूचना को वास्तविक न मानते हुए सजग रहने को कहा है। साइबर अपराधियों के झांसे में कोई न आए। किसी भी कर्मचारी, अधिकारी एवं शिक्षक के मोबाइल पर विभाग की तरफ से इस तरह का कोई फोन नहीं हो रहा है। बताया कि सांऊघाट ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में तैनात तमाम शिक्षकाें के पास इस तरह के फोन आने की जानकारी मिली है। इस वजह से जागरूकता संदेश जारी किया गया है।