संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज(बस्ती)। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सुलझने के बजाय उलझता जा रहा। लगातार पूछताछ और जांच के बावजूद पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच नहीं पाई है।
हत्या कर कमरे में फंदे से लटका देने वाली बिंदु पर भी छानबीन चल रही है। कारण यह है कि जिस कमरे में शव पाए जाने की बात कही जा रही है, उसके दरवाजे का नीचे करीब डेढ़ बाई दो फीट चौड़ा हिस्सा टूटा हुआ है।
जिस रास्ते कोई भी लेटकर कमरे में से जा सकता है। पुलिस की जांच में सबसे बड़ी बाधा छात्रा के परिवार के लोग बन रहे हैं, जो चाहते हैं कि मामले की जांच-पड़ताल न की जाए। उसके गांव के लोग भी मामले को रफा-दफा करने के पक्ष में हैं।
जबकि पुलिस दो सवालों का जवाब पाए बिना चुप बैठने को तैयार नहीं है। एक यह कि छात्रा ने यदि खुदकुशी की तो वजह क्या थी। अगर नहीं की तो उसकी मौत कैसे हुई। आनन-फानन शव जलाकर उसका नामो निशान मिटाने के पीछे राज क्या है।
छात्रा के पिता और चाचा को मंगलवार से ही पुलिस साथ लेकर जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस के अनुसार, दोनों फिलहाल गोलमोल जवाब दे रहे हैं। स्कूल का स्टाफ फंदा लगाने से मौत की बात पुलिस को बता चुका है। पिता का यह रवैया पुलिस को काफी खटक रहा है।
बता दें कि संविलियन विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी कक्ष में सोमवार को कक्षा छह की छात्रा का शव मिला था। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने आनन-फानन छात्रा के पिता और गांव वालों के सहयोग से शव का अंतिम संस्कार करा दिया था। बीएसए ने प्रधानाध्यापक को बिना सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कराने पर निलंबित कर दिया है।
छात्रा के पिता का कहना है कि उसे किसी पर कोई संदेह नहीं है और न ही कार्रवाई के पक्ष में है।