बस्ती। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत तैनात करीब 1100 संविदा चिकित्सकों और कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी तक मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जांच, स्क्रीनिंग, टीकाकरण और ऑनलाइन कार्य प्रभावित हैं। जिला अस्पताल में नियमित कर्मचारियों पर काम बढ़ने से वार्डों की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। एक स्टाफ नर्स को चार से पांच वार्डों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।
एनएचएम के तहत जिला अस्पताल, महिला चिकित्सालय, ओपेक चिकित्सालय कैली, टीबी अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी, जन आरोग्य मंदिर और सब सेंटरों पर संविदा स्टाफ नर्स, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और चिकित्सक तैनात हैं। मांगों के समर्थन में कर्मचारी लखनऊ में प्रस्तावित धरने में शामिल होने गए हैं। हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं में तैनात कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में कर्मियों के अनुपस्थित रहने से नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
सबसे अधिक दबाव जिला अस्पताल पर है। सीएचसी-पीएचसी और अन्य क्षेत्रों से मरीज यहां पहुंच रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों को दवा देकर घर भेजा जा रहा है, जबकि गंभीर हालत वाले मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है। वार्डों में नियमित कर्मचारियों की कमी के चलते मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले में 256 जन आरोग्य मंदिर और 120 सब सेंटरों पर ताला लगने से स्क्रीनिंग और ऑनलाइन कार्य ठप हैं।
सोमवार को हड़ताल का व्यापक असर दिखा। जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ओपीडी में करीब 750 मरीज पहुंचे। उन्हें उपलब्ध संसाधनों के सहारे उपचार दिया गया। टेलीमेडिसिन विभाग और संक्रमण रोग कक्ष में ताला लगा रहने से मरीजों को वापस लौटना पड़ा। सीएचसी-पीएचसी पर 10 प्रतिशत मरीज बढ़े हैं। वहां भी हड़ताल के चलते लोगों को मुख्यालय तक आना पड़ रहा है। महिला अस्पताल में भी भीड़ दिखी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया कि सभी कर्मी लखनऊ में हड़ताल में शामिल हैं। मांगे पूरी होने तक कर्मी डटे रहेंगे।
14 नियमित स्टाफ नर्सों के भरोसे कई वार्ड
जिला अस्पताल में 39 से अधिक संविदा कर्मचारी तैनात हैं, जबकि नियमित स्टाफ नर्सों की संख्या महज 14 है। हड़ताल के कारण महिला वार्ड, प्राइवेट वार्ड, सर्जिकल, चिल्ड्रेन, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), मेडिसिन और आर्थो वार्ड समेत अन्य इकाइयों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। नियमित कर्मचारियों को कई वार्डों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। ऐसे में मरीजों की देखभाल और भर्ती व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
बोले मरीज
सुबह नौ बजे जिला अस्पताल पहुंच गया था। मनोरोग विभाग में मरीज को दिखाना था लेकिन समय से चिकित्सक नहीं मिले। करीब दो घंटे इंतजार के बाद किसी तरह परामर्श मिला। जांच कराने और रिपोर्ट प्राप्त करने में भी परेशानी हुई। बताया गया कि हड़ताल के कारण दिक्कत हो रही है। -मो. निजाम, भूअर
सुबह लाइन में लगकर पर्चा बनवाया। परामर्श, जांच और दवा लेने में करीब चार घंटे लग गए। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के कारण काफी परेशानी हुई। ब्लड जांच कराने में भी दिक्कत आई। मरीजों को आसानी से भर्ती नहीं किया जा रहा है। स्क्रीनिंग न होने से मुख्यालय आना पड़ रहा है। -अनीता, महादेवा
कोट:::गंभीर हालत वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जिन मरीजों का दवा से उपचार संभव है, उन्हें दवा देकर घर भेजा जा रहा है। नियमित चिकित्सकों और कर्मचारियों की मदद से व्यवस्था संचालित की जा रही है। अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। -डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती
अब रोजाना होगा टीकाकरण
संविदा एएनएम की हड़ताल से टीकाकरण पर भी असर पड़ा है। ड्यू लिस्ट के अनुसार बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। इससे विभाग अन्य सभी कार्य दिवस पर टीकाकरण के लिए नियमित एएनएम को लगाया है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि टीकाकरण कार्य महत्वपूर्ण है, यह प्रभावित न हो इसके लिए हर दिन सत्र लगाने के लिए कहा गया है। बताया कि ऑनलाइन कार्य अधिक प्रभावित है।
बिना इलाज लौटे मरीज
मुंडेरवा। मुंडेरवा, एकमा और पकडीचंदा पीएचसी पर आए मरीज बिना बेहतर उपचार के लौट गए। एकमा में तैनात डॉ. सुनील कुमार सौरभ हड़ताल पर रहे। डाॅ. आनंद यादव मौजूद रहे। पकडीचंदा में डॉक्टर नहीं है। मुंडेरवा सीएचसी पर तैनात एएनएम रीना चौधरी और सुप्रिया त्रिपाठी सोमवार को भी हड़ताल पर रहीं। सीएचसी प्रभारी डाॅ. राजेश ने बताया कुछ सेवाएं प्रभावित हुई हैं। संवाद
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
भानपुर। एएनएम, सीएचओ और स्टाफ नर्स की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। गांव में मिलने वाली सामान्य जांच और परामर्श व दवाओं के लिए पीएचसी और सीएचसी तक लोगों को दौड़ लगानी पड़ रही है। सीएचसी में बीपीएम कार्यालय बंद होने से ऑनलाइन भुगतान, डाटा एंट्री, जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधी सेवाएं ठप है। एमओआईसी डॉ. सचिन चौधरी ने बताया कि कर्मियों की हड़ताल पर जाने से ऑनलाइन होने वाले कार्यों पर असर पड़ा है। संवाद
सात केंद्रों पर टीकाकरण बंद
रुधौली। सीएचसी रुधौली केे प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद मिश्रा ने बताया कि सीएचसी के अंतर्गत 18 टीकाकरण केंद्रों में सात केंद्रों पर टीकाकरण पूरी तरह बंद है। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। डॉ. तैयब अंसारी काम कर रहे हैं। जांच से लेकर अन्य कार्य भी प्रभावित होने से मरीज परेशान हैं। संवाद