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एसआईआर : दो लाख और मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी, डाटा फीडिंग तेज

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बस्ती। मिस मैच मतदाताओं की नोटिस तैयार करने में प्रशासनिक अमला शिद्दत से जुटा हुआ है। एक-एक मतदाता के नाम से नोटिस बन रही है। उस पर अधिकारियों की दस्तखत कराकर बूथों पर भेजने की कवायद चल रही है। मिस मैच डाटा वाले चार लाख 18 हजार 153 मतदाताओं में अभी तक दो लाख मतदाताओं को नोटिस निर्गत की गई है। डेढ़ लाख लोगों को बीएलओ के जरिये नोटिस थमाई जा चुकी है। 50 हजार मतदाताओं की नोटिस डिलेवरी होनी शेष है। जबकि दो लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस अभी जारी होना है।
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बता दें कि नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं का साक्ष्य संकलन भी बीएलओ स्तर पर तेजी से किया जा रहा है। लगातार फीडिंग भी कराई जा रही है। विधानसभावार रोजाना की रिपोर्ट तैयार हो रही है। वहीं नोटिस निर्गत करने के सापेक्ष जवाब नहीं मिल रहे हैं। इसको लेकर प्रशासनिक अमले में हलचल है। बीएलओ पर अधिकारियों का दबाव है कि शत प्रतिशत मतदाताओं से साक्ष्य सहित नोटिस का जवाब लिया जाए। इसको लेकर बीएलओ परेशान हो रहे हैं। साक्ष्य जुटाने में उन्हें मतदाताओं की मनुहार करनी पड़ रही है। मतदाता भी लाचार दिख रहे हैं। प्रमाण के तौर पर वह अपना आधार या परिवार रजिस्टर नकल दे रहे हैं लेकिन, पुरानी मतदाता सूची में किसी अक्षर का मिलान नहीं होने पर आवेदन रिजेक्ट हो जा रहा है।
जानकार लोगों का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में पहले से दर्ज नाम में संशोधन का भी ऑप्शन होना चाहिए। इससे पहचान पत्र के अनुसार मतदाता का नाम भी सूची में दर्ज हो जाएगा। एसआईआर की पहली सूची में 3,04,620 मतदाता का डाटा मिस मैच पाया गया है। इसके अलावा 1,13,533 मतदाता नो-मैपिंग की श्रेणी में मिले हैं। कुल 4,18,153 मतदाताओं को नोटिस जारी होनी है। अभी दो लाख मतदाताओं को नोटिस जारी होनी बाकी है। इसके लिए एआरओ स्तर से रोजाना नोटिस निर्गत की जा रही है।
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प्रशासन का दावा है कि अगले एक सप्ताह में शतप्रतिशत नोटिस जारी कर दी जाएगी। हालांकि अभी तक एक लाख के आसपास के मतदाता ही साक्ष्य सहित अपना जवाब प्रस्तुत कर सकें हैं। तीन लाख से अधिक मतदाता अभी डाटा मिलान न होने के कारण संदेह के दायरे में हैं। हालांकि प्रशासन पहली सूची में डिजिटलाइज्ड किए गए 1,62,143 मतदाताओं में से संख्या करने के पक्ष में नहीं है। इसीलिए नोटिस की श्रेणी में शामिल एक-एक मतदाता पर पूरी कसरत की जा रही है।
अधिकारी खुद प्रतिदिन मॉनीटरिंग कर रहे हैं। विधानसभावार निर्वाचन कार्यालयों में प्रतिदिन का डाटा तैयार किया जा रहा है। इसमें नए मतदाताओं का आवेदन और नोटिस का प्रमाणित जवाब देने वाले लोगों का अलग-अलग आंकड़ा दर्ज किया जा रहा है। जिला स्तरीय अधिकारी इस आंकड़े के हिसाब से कम प्रगति वाले बूथ और संबंधित क्षेत्र के एईआरओ को हिदायत भी दे रहे हैं।


एसआईआर के चक्कर में परदेश से आना पड़ा घर
एसआईआर प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए तमाम लोगों को दिल्ली मुंबई से कामकाज छोड़कर घर आना पड़ा है। सदर ब्लॉक के सोनूपार निवासी राम बचन बताते हैं कि उनके घर नोटिस पहुंची है। उन्हें मतदाता बनने के लिए दो पहचान पत्र देना है। इसके लिए वह परिवार रजिस्टर की नकल निकलवा रहे हैं। वहीं जामडीह के परमेश्वर बताते हैं कि दो बार नोटिस का जवाब साक्ष्य के साथ दे चुके हैं। लेकिन, बीएलओ ने दोनों बार उनका आवेदन अस्वीकार बताया है।

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कोट
एसआईआर प्रक्रिया के तहत मिस मैच डाटा वाले मतदाताओं को नोटिस लगातार जारी की जा रही है। बीएलओ के माध्यम से घर-घर नोटिस पहुंचाई जा रही है। मतदाता से जवाब में साक्ष्य भी जुटाया जा रहा है। इसके आधार पर दोबारा डाटा फीडिंग कराई जा रही है।
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-प्रतिपाल सिंह चौहान, एडीएम।
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