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Basti News: आधे दाम पर दुकानों तक पहुंच रही थी मिलावटी पनीर की खेप

Fri, 21 Nov 2025 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के नागचौरी गांव में पकड़ी गई पनीर की खेप
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- गोदाम के बारे में नहीं थी किसी को जानकारी, सेटिंग वाले ले जाते थे माल
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-सस्ते रेट पर मिलने पर दुकानदार लेकर करते थे मोटी कमाई
- मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के नाच छोरी गांव से ऑपरेट हो रहा था धंधा
सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के नागचौरी गांव से एक गिरोह लंबे समय से पनीर सप्लाई का धंधा चला रहा था। बाजार में 360 से 400 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाली पनीर दुकानदारों को मात्र 200 रुपये किलो के भाव पर सप्लाई किए जा रहे थे। सस्ते का लालच देकर यह गिरोह इलाके की कई दुकानों तक नियमित रूप से पनीर पहुंचाता रहा था। मोटी कमाई के लिए दुकानदार आसानी से खपा देते थे। लग्न के सीजन में यह कारोबार दबा करके चला था। कार्रवाई ने यह पुष्ट कर दिया कि जनपद में और भी स्थान पर मिलावटी पनीर का धंधा संचालित हो रहा है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कम कीमत पर पनीर उपलब्ध कराने के पीछे मिलावट और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका गहराई है। खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी मिली कि पूरा नेटवर्क नागचौरी गांव से संचालित हो रहा था। यहां से रोजाना बड़ी मात्रा में पनीर की खेप भेजी जाती थी। स्थानीय स्तर पर शिकायतें बढ़ने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने सप्लाई चेन की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों और पनीर की क्वालिटी की जांच के बाद बड़े खुलासे की संभावना है। गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है जबकि क्षेत्र में मिलावटी डेयरी उत्पादों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी बढ़ाई गई है।
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ऑर्डर लेने वाला कोई और, दूसरा करता था सप्लाई
सूत्रों से अबतक की मिली जानकारी में जो बात सामने आ रही है, उसमें पता चला है कि इस मिलावट के धंधे में पूरा रैकेट काम कर रहा था। इसमें कई स्तर पर जिम्मेदारी तय की गई थी। ग्राहक से गोदाम और बनाने वाले स्थान की जानकारी किसी को भी नहीं दी जाती थी। ऑर्डर लेने वाला कोई और होता था जबकि माल की आपूर्ति कोई दूसरा करता था। इसमें पूरा सिंडिकेट कम कर रहा था। धंधेबाज के अलावा इसमें दुकानदार भी मोटी कमाई कर रहे थे। जितनी डिमांड होती थी उतनी की आपूर्ति आसानी से कर देते थे और 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक मुनाफा कमा रहे थे। फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में आगे बड़े रैकेट का खुलासा होने की आशंका जताई जा रही है। जिस तरह से मौके से सामान और गोदाम से बरामदगी हुई है। इससे यह पता चल रहा है कि सप्लाई बड़े पैमाने पर और दूरी तक हो रही थी।
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