- वर्ष 2022 में रामलला मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के समय प्रस्ताव को मिली थी मंजूरी
- जन्मस्थल से पुत्र कामेष्टि यज्ञ स्थल मखौड़ा तक बनना है कॉरिडोर
बस्ती। अयोध्या से मखौड़ा धाम के जुड़ने का बेसब्री से इंतजार है। चार साल पहले अयोध्या में रामलला के मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के समय श्रीराम कॉरिडोर, 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, अयोध्या रिंग रोड, अयोध्या विकास प्राधिकरण समेत आधा दर्जन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। इसके बाद शासन ने बस्ती एवं अयोध्या जिला प्रशासन से अलग-अलग परियोजना का प्रस्ताव भी मांगा था। इनमें से कई परियोजनाएं अब मूर्त रूप ले रही हैं लेकिन श्रीराम काॅरिडोर के वित्तीय स्वीकृति का इंतजार है।
अयोध्या में रामलला के जन्मस्थल से 20 किमी दूर बस्ती जिले में स्थित पुत्र कामेष्टि यज्ञ स्थल मखौड़ा धाम को सीधे जोड़ने के लिए श्रीराम कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। अयोध्या एवं बस्ती जिला प्रशासन की तरफ से अपने-अपने क्षेत्र में तकनीकी टीम बुलाकर कॉरिडोर का प्रस्ताव और डिजाइन भी तैयार कराकर भेजा गया है। अभी तक इस परियोजना पर शासन से वित्तीय मंजूरी नहीं मिली है।
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से शासन स्तर से इस परियोजना को लेकर सिफारिश भी नहीं हो पा रही है। इसके चलते यह प्रस्ताव अधर में लटक गया है, जबकि इसी के साथ तैयार किए गए 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, अयोध्या रिंग रोड मूर्त रूप ले रहा है। श्रीराम कॉरिडोर के निर्माण से बस्ती का पश्चिमांचल हिस्सा चमक उठता। अयोध्या आने वाले पर्यटकों की हलचल इस कॉरिडोर के जरिये मखौड़ा धाम तक बढ़ने की संभावना है, लेकिन क्षेत्र के लोगों का अभी यह सपना अधूरा है।
कोदंड के आकृति में बनना था मखौड़ा
बस्ती जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर स्थित परशुरामपुर ब्लॉक में मनवर नदी के तट पर स्थित मखौड़ा अभी गांव के रूप में जाना जाता है। यहां नदी के तट पर श्रीराम और माता सीता का पुराना मंदिर और परिसर में यज्ञशाला है। मान्यता है कि चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ ने इसी स्थल पर त्रेताकाल में पुत्र कामेष्टि यज्ञ कराया था। अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा की शुरूआत और समापन इसी स्थल से होता है। यज्ञ स्थल मखौड़ा धाम को प्रभु श्रीराम की नगरी से जोड़ने के लिए श्रीराम कॉरिडोर की कवायद शुरू हुई थी। मगर राममंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह मुहिम धीमी पड़ गई। सरयू से उत्तर स्थित मखौड़ा धाम को श्रीराम के धनुष कोदंड के आकार में बनाया जाना है। इसमें भव्य मंदिर, गेट, घाट, विश्राम गृह और रेस्तरां आदि का निर्माण प्रस्तावित है।
हनुमान द्वार का भी शुरू नहीं हुआ निर्माण
श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अयोध्या के चारों तरफ भव्य द्वार का निर्माण प्रस्तावित था। बस्ती सीमा में अयोध्या के प्रवेश द्वार के पास लोलपुर में हनुमान द्वार के नाम से भव्य गेट बनना प्रस्तावित है। इसके लिए 25 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत हुआ था। बस्ती जिला प्रशासन की तरफ से तीस किसानों की जमीन भी अधिगृहित की गई थी। किसानों को मुआवजा भी दे दिया गया है। यहां भव्य गेट के साथ पार्किंग, रेस्टोरेंट निर्माण और यात्रियों के ठहरने के लिए उत्तम प्रबंध किया जाना है। मगर यह परियोजना भी अभी ठंडे बस्ते में है। जिससे चार साल बीतने के बाद भी बस्ती सीमा में बनने वाला हनुमान द्वार मूर्त रूप नहीं ले सका है।
श्रीराम कॉरिडोर का प्रस्ताव मेरे कार्यकाल के पहले का है। इसकी पत्रावली फिर से दिखवाई जाएगी। यदि प्रस्ताव भेजा जा चुका हैं तो इसकी स्वीकृति के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
- कृत्तिका ज्योत्सना, डीएम।