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कारागार में जल्द दूर होगी बंदी रक्षकों की कमी

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कारागार में जल्द दूर होगी बंदी रक्षकों की कमी
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शासन स्तर से 100 नए बंदी रक्षकों का आवंटन हुआ
सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर भी भेजे जाएंगे बंदी रक्षक
92 के सापेक्ष 50 से भी कम है जेल का स्टाफ
बस्ती। बंदी रक्षकों की कमी से जूझ रहे मंडलीय कारागार को जल्द ही इस समस्या से निजात मिलने वाली है। शासन स्तर पर नए भर्ती किए गए रिक्रूट बंदी रक्षकों में से जल्द ही 100 बंदी रक्षक मिल जाएंगे। इनमें पुरुष व महिला बंदी रक्षक शामिल होंगे। जेल अधीक्षक स्तर से बस्ती, सिद्धार्थनगर व नवनिर्मित संतकबीरनगर कारागार के लिए बंदी रक्षकों का आवंटन किया जाएगा। इसी महीने के तीसरे सप्ताह तक इन बंदी रक्षकों के यहां आमद कर लेने की उम्मीद है। जेल प्रशासन ने इसके लिए पहल शुरू कर दी है।
जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि यहां अधिकारियों के अलावा 10 महिला एवं 76 पुरुष बंदी रक्षक, चार डिप्टी जेलर, एक जेलर व एक जेल अधीक्षक की जरूरत (सृजित पद) है। इसके सापेक्ष 44 बंदी रक्षक, चार की जगह दो डिप्टी जेलर, एक जेलर, एक अधीक्षक तैनात हैं। इस तरह से दो डिप्टी जेलर व बंदी रक्षकों की कमी से समस्याएं आ रही हैं। सन 1880 में बनाई गई इस जेल में कुल 480 बंदियों के रखने की क्षमता थी। सवा सौ वर्ष से अधिक बीतने के बावजूद न तो क्षमता बढ़ाई गई न ही स्टाफ।। जबकि बंदियों की संख्या लगभग तीन गुना अधिक हो गई। ऐसे में व्यवस्था को संचालित करने में आने वाली दुश्वारियां का अंदाजा लगाया जा सकता है। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि शासन स्तर से आवंटित नए बंदियों के आने के बाद काफी हद तक व्यवस्था में सुधार आ जाएगा।
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साक्षरता दिवस पर कार्यक्रम आज
जनपद कारागार में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें बंदियों को साक्षर बनाने पर बल दिया जाएगा। साथ ही उन्हें साक्षरता का महत्व बताया जाएगा। मुख्य वक्ता के तौर पर एडीएम अभय कुमार मिश्र, बीएसए जगदीश शुक्ल मौजूद रहेंगे। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने यह जानकारी दी।
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