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Basti News: सरयू का जलस्तर घटा, कटान और दुर्गंध ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता

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विक्रमजोत के अर्जुनपुर गांव के पास कटान करती सरयू संवाद
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बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से माझा क्षेत्र में बाढ़ का असर कम होने लगा है। मुख्य मार्गों से पानी पूरी तरह उतर चुका है। कई मजरों में आवागमन के लिए संचालित नावें भी बंद कर दी गई हैं। हालांकि, पानी घटने के बाद सड़ रही घास और खरपतवार से उठ रही दुर्गंध और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। कीचड़ के कारण लोगों का राह चलना भी दुश्वार हो गया है।
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जलस्तर कम होने से कई गांवों के मुख्य मार्गों से पानी पूरी तरह हट गया है। पानी में डूबी घास और खरपतवार अब सड़ने लगी हैं, जिससे आसपास दुर्गंध फैल रही है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। ग्रामीणों को संक्रमण फैलने की आशंका सता रही है। लोगों ने गांवों में फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी घटने के बाद भी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। कई स्थानों पर कटान तेज हो गया है। इससे खेती की जमीन नदी में समा रही है। कुदरहा के मईपुर समेत अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों में भी समस्याएं बनी हुई हैं। नदी कई मकानों से सटकर बह रही है, जिससे कटान का खतरा बना हुआ है। इसे लेकर किसान और ग्रामीण परेशान हैं।
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सरयू खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे
दुबौलिया। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से अब 30 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। मैरुंड गांव सुविका बाबू, अशोकपुर और टेढ़वा के लोगों की दिनचर्या भी धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। आने-जाने के लिए लगाई गई मोटरबोट वापस लौट गई हैं। बृहस्पतिवार को सुबह से जलस्तर स्थिर बताया गया।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.43 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 30 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि, दुश्वारियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खेती-किसानी के काम के लिए अभी भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कीचड़ से भी परेशानी बनी हुई है। वहीं, तटबंधों पर नदी के पानी का दबाव भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

जलस्तर घटने के साथ गांवों में कटान का बढ़ा खतरा
विक्रमजोत। विक्रमजोत विकासखंड में तटबंध के समीप स्थित पकड़ी संग्राम, लकड़ी दूबे, लकड़ी पांडेय, दुधौरा, पूरे कुमार और अर्जुनपुर गांवों में नदी का जलस्तर घटने के साथ कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर धीरे-धीरे कम होने के साथ नदी किनारे कटान शुरू हो गया है। इससे लोगों में भय का माहौल है।
जलस्तर में कमी के बावजूद नदी किनारे बसे गांवों में कटान की स्थिति को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। उनका कहना है कि पानी घटने के साथ किनारों की मिट्टी खिसक रही है, जिससे कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने और कटान रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाने की मांग की है।


तटबंधों पर अब नदी के पानी का दबाव कम हो गया है। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। जहां भी कटान की स्थिति सामने आ रही है, वहां रोकथाम के लिए आवश्यक व्यवस्था कराई जा रही है।
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दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड, बस्ती
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