विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में 27 सेंटीमीटर नदी का जलस्तर बढ़ा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के जलकर्मी बलराम ने बताया कि शनिवार की शाम 6 बजे नदी का जलस्तर 92.630 मीटर पर रिकार्ड हुआ है।
यह खतरे के निशान 92.730 मीटर से महज 10 सेमी नीचे है। सुिवका बाबू के पास सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
जलस्तर बढ़ते ही नदी कोहराम मचाने लगी है। तटीय क्षेत्रों से टकाराने से कटान बढ़ गया है। समीपवर्ती गांवों में फिर बाढ़ की आशंका सताने लगी है। विभाग के अनुसार जलस्तर दो दिन तक बढ़ने का अनुमान है। लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध और विक्रमजोत-धुसवा तटबंध पर जलस्तर सहित नदी का रुख और दो धाराओं के मिलन की आशंका बढ़ गई है। स्थलीय निरीक्षण के बाद एसडीएम हर्रैया ने शुक्रवार को ड्रोन से सर्वे कराया।
सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि केशवपुर, रानीपुर, कठवनिया, संदलपुर, कल्याणपुर के पड़ाव, अर्जुनपुर और बघुआपार, कन्हईपुर के प्रमुख संवेदनशील कटान स्थलों पर बाढ खंड की टीम ने दौड़ा कर जायजा लिया है। ड्रोन के माध्यम से भी नदी की धारा व उसके रूख की वर्तमान स्थिति का आंकलन लगातार किया जा रहा है। सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार सिंह, अवर अभियंता शिवचरन, आरके नायक, बाढ़ चौकी घघौवा पर तैनात जेई गौरव सिंह मौजूद रहे।
संदलपुर और अर्जुन पुर में धीमी गति से अभी भी कटान हो रही है। संदलपुर मे बाढ खंड ने तीन लेयर की प्रक्यूपाइन बैरियर लांच कर दी है। आबादी के पास कटान रोकने के लिए ब्रिक रोड़ा भरी बोरी का एक कटर लांच कराने का काम प्रगति पर है। इसके बावजूद नदी की सीधी धारा आबादी के संवेदनशील स्थल से टकरा रही है।
इससे राम नारायण और मेही लाल का पक्का मकान कटान की जद में आ गया है। नींव के पास धारा पहुंच गई है। बघुआपार गांव में भगवानदीन और अर्जुनपुर में दिनेश निषाद, मंगरू प्रसाद, श्रीपाल, बिहारी, झिनकाई के खेतों में शनिवार को भी नदी कटान करती रही। ग्रामीणों ने गांव में पहुंचे बाढ़खंड के अधिकारियों से डैंपनर बनवाने की मांग की है।