बस्ती। देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में खास पहचान रखने वाले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, जहां एक ओर भारत सरकार ग्रामीण बैंकों को प्रदेशस्तर पर मिला कर इन्हें मजबूत आर्थिक आधार दे रही है।
वहीं दूसरी ओर इनमें काम करने वाले लाखों अधिकारियों और कर्मचारी की जायज मांगों को भी नजर अंदाज किया जा रहा है। यह बातें ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (अरेबिया) के वरिष्ठ नेता केके श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने भारत सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया।
बैठक में हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एक मई से नियमानुसार कार्य, बैंकों के व्हाट्सएप ग्रुप का बहिष्कार किया जाएगा तथा छह मई को सभी 28 ग्रामीण बैंकों के मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। देश भर के सांसदों को ज्ञापन भेजे जाएंगे। संवाद