बस्ती। बारिश के बाद मौसम में बदलाव और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू का खतरा बढ़ गया है। अप्रैल से अब तक 20 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। टायफाइड भी लोगों को परेशान कर रहा है। जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में सितंबर और अक्तूबर में हुई जांच में डेंगू के छह और टाइफाइड के 42 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित मरीजों के गांवों में निरोधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल की प्रयोगशाला के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में 510 लोगों की जांच की गई, जिसमें चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं, एक से आठ अक्तूबर तक 139 लोगों की जांच में दो मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले। बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच के बाद संक्रमण की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें संबंधित गांवों में निरोधात्मक कार्रवाई कर रही हैं। मरीजों के परिजनों की सेहत की जांच के लिए ब्लड सैंपल भी लिए जा रहे हैं। साथ ही नालियों में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है और लोगों को मच्छरों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उधर, टाइफाइड के मरीज भी सामने आ रहे हैं। सितंबर में 2066 लोगों की जांच में 38 मरीज पॉजिटिव मिले, जबकि अक्तूबर में अब तक 524 जांच में चार मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। सोमवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार से पीड़ित 15 मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी सीएम मल्होत्रा ने बताया कि बारिश के बाद मौसम में बदलाव के कारण डेंगू और एईएस का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मच्छरों से बचाव जरूरी
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा पनपते हैं। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और बुखार समेत अन्य लक्षण दिखने पर नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर जांच और इलाज से बीमारी की गंभीरता कम की जा सकती है।
कोट::
जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जांच जिला अस्पताल में कराई जा रही है। सभी एमओआईसी को लक्षण वाले मरीजों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू की पुष्टि होने पर संबंधित मरीज के घर स्वास्थ्य टीम भेजकर परिवार के लोगों की सेहत की जांच कराई जा रही है। -डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।