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Basti News: साधना से ही घर में आने चाहिए साधन

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छावनी। क्षेत्र के रामरेखा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पं. धर्मेंद्र धर द्विवेदी ने महाराज परीक्षित की कथा सुनाई। कहा कि साधना से ही घर में साधन आने चाहिए। जीभ नित्य नए स्वाद को ही ढूंढ़ती है, लेकिन जो जीभ को अच्छा लगता है कि वह शरीर के लिए अच्छा नहीं होता। शरीर के लिए जो अच्छा है, वह जीभ को अच्छा नहीं लगता। इसलिए इंद्रियों पर विजय प्राप्त करना होगा।
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कथा वाचक ने कहा कि हे राजन आहार, भय, निद्रा और मैथुन मनुष्य और पशुओं में समानांतर पाए जाते हैं। पशु भी भोजन करता है, सोता है, डरता है, बच्चा पैदा करता है और मनुष्य भी यही करता है। मनुष्य तन पाकर अगर हम आहार, भय, निद्रा और मैथुन में ही लगे रहे तो हममें और पशुओं में क्या अंतर रहेगा। साधना से ही घर में साधन आने चाहिए। जो साधन साधना से आता है वह सुख और शांति देता है। कथा के अमृतपान से भूख और प्यास दूर हो जाती है। इस कथा सुन कर श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए। संवाद
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