फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: रात दो बजे से कतार...फिर भी रह जा रहा इंतजार

विज्ञापन
गैस एजेंसी के बाहर जुटी भीड़।
विज्ञापन
बस्ती। जिले में गैस एजेंसियों पर पर्ची, टोकन और सिलिंडर वितरण व्यवस्था बेपटरी है। सोमवार बंदी के बाद मंगलवार को खुली गैस एजेंसियों के बाहर पर्ची कटवाने और टोकन पाने वालों की भीड़ दिखी। बताया गया कि रात दो बजे से एजेंसी पर लाइन लग रही है, फिर भी यह उम्मीद नहीं है कि पर्ची मिल ही जाएगी।
विज्ञापन

मंगलवार को कई एजेंसी पर रसोई गैस सिलिंडर का वितरण नहीं किया गया। इससे उपभोक्ता निराश लौटे। शनिवार, रविवार और सोमवार को जहां आपूर्ति नहीं हुई थी, वहां सिलिंडर पहुंचते ही लोगों की लाइन लग गई। वहीं, कई उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसियों पर धांधली का आरोप लगाया है।
उपभोक्ताओं ने एजेंसी संचालकों पर अनियमितता के आरोप लगाए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि दिनभर एजेंसी पर कतार में खड़े रहने पर भी सिलिंडर नहीं मिलता है जबकि ब्लैक में दोगुने दाम पर आसानी से मिल रहा है। सबसे खराब हालत स्टेशन रोड स्थित गैस एजेंसी पर है। सिलिंडर लेने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है। उपभोक्ता राजू ने कहा कि सिलिंडर लेने के लिए हम लोग सारी प्रक्रिया पूरी करने और ओटीपी देने के बाद गैस गोदाम पर रात से लाइन लगा रहे हैं। फिर भी गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

उन्होंने आरोप लगाया कि जो दलाल हैं उनको आसानी से गैस सिलिंडर उपलब्ध हो जा रहा है। वह उस सिलिंडर को खुले बाजार में दो हजार से 2500 रुपये में बेच दे रहे हैं। शिवम सिंह का कहना है कि पहले एजेंसी पर पर्ची कटवाया। फिर गोदाम पर लाइन लगाओ, उसके बाद भी उम्मीद नहीं रहती कि सिलिंडर मिल जाएगा। बुकिंग के बाद होम डिलीवरी नहीं करा रहे। इससे सांसत बढ़ गई है। रौतापार स्थित गैस एजेंसी के उपभोक्ता राकेश का कहना है कि दलालों से साठ-गांठकर के जरिये गैस की कालाबाजारी कर रहे। जितनी आपूर्ति कागज में दिखाते हैं, हकीकत में गोदाम में नहीं है।
गैस एजेंसी से अगर दलालों का कब्जा हट जाए और उन्हें ब्लैक करने के लिए गैस सिलिंडर न दिया जाए तो चंद दिनों में गैस की किल्लत समाप्त हो जाएगी। स्टेशन रोड स्थित एजेंसी के उपभोक्ता राजेश ने बताया कि बुकिंग के बाद सिलिंडर नहीं मिल रहा, चूंकि लाइन इतनी लंबी है कि नंबर आते-आते शटर गिराकर कर्मी भाग जा रहे हैं। कोई सूचना तक नहीं है। यह उपभोक्ताओं के साथ छल है। दो बजे रात में लाइन लग रही, बावजूद इसके उपभोक्ता निराश होकर लौट जाते हैं।
अन्य उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस के लिए 10 से 15 किलोमीटर चलकर घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
बुकिंग के बाद भी होम डिलीवरी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में कई बार शिकायत भी किया गया लेकिन समस्या जस की तस है। बताते हैं कि कार्मशियल सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी से घरेलू गैस सिलिंडरों के लिए परेशानी और बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें