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Basti News: पाइपलाइन में अटकी परियोजना पानी को नहीं मिल पा रही राह

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बस्ती सदर ब्लॉक के चितरगड़िया गांव में पेयजल परियोजना अधूरी संवाद
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बस्ती। शहर की सबसे बड़ी पॉश कॉलोनी आवास विकास में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की योजना अधर में लटकी हुई है। शासन से मिली मंजूरी और बजट की प्रथम किस्त के आने के बाद भी तीन साल में परियोजना के तहत सिर्फ 25 फीसदी काम हो पाया है जबकि समयसीमा में सिर्फ 19 दिन शेष रह गए हैं।
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ऐसे में इस गर्मी में भी इस कॉलोनी वासियों को 24 घंटे जलापूर्ति की आस पूरी होती नहीं दिख रही है। इसमें सबसे बड़ा कारण स्थानीय नागरिकों के विरोध के चलते 20 दिन से काम ठप बताया जा रहा है। आवास विकास कॉलोनी के 1624 घरों के तकरीबन आठ हजार नागरिकों को आठ घंटे की जगह 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की योजना नगरीय जल निगम ने बनाई थी। योजना के तहत लगभग 6.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे।
नगरीय जल निगम ने अमृत योजना फेज टू में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शहर के आवास विकास वार्ड को चुना था। इसके लिए पूर्व के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता की टीम ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय के जरिये शासन को भेजा था। जिसे सितंबर 2023 में ही स्वीकृति दे दी गई थी।
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टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने पर दिसंबर में कार्य शुरू करवाया गया। मगर, ढिलाई के चलते अभी तक परियोजना पर सिर्फ 25 प्रतिशत ही कार्य हो पाया जबकि 30 मई 2026 में इसे पूर्ण करते हुए हैंडओवर करके नागरिकों को 24 घंटे जलापूर्ति सुविधा से आच्छादित कर देना है। मगर, अभी 75 फीसदी कार्य अधूरा है। बताया गया कि 19 दिन में यह कार्य पूर्ण होना असंभव है। ऐसे में नागरिकों को पुराने ढर्रे पर चली आ रही जलापूर्ति व्यवस्था से लोगों में नाराजगी है।
नलकूप के लिए आईटीआई की भूमि पर नहीं बनी सहमति : कॉलोनी में 24 घंटे जलापूर्ति के लिए अलग से एक नलकूप का भी निर्माण होना है। इसके लिए पूर्व में मांगी गई भूमि पर आईटीआई परिसर में खाली जमीन का चिह्नांकन किया गया था। बाद में हस्तांतरित न होने पर प्रक्रिया लटक गई। भूमि पर सहमति न बन पाने पर अब नये सिरे से भूमि खोजी जा रही है। अभी तक भूमि न मिलने पर नलकूप का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। जलनिगम ने ईओ और एडीएम के जरिये भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, पाइपलाइन की बात करें तो अभी तक सिर्फ 3.5 किमी. पाइपलाइन पड़ी है, जबकि 11.50 किमी. पाइपलाइन बिछाई जानी है।
नागरिकों के विरोध के चलते बार-बार रोकना पड़ रहा कार्य : वीआईपी कॉलोनी में शुमार आवास विकास कॉलोनी के 24 घंटे जलापूर्ति में स्थानीय नागरिक ही बाधक बन रहे हैं। पाइप लाइन डालने पर विरोध दर्ज कराते हुए काॅलोनी के लोग बार-बार काम रुकवा दे रहे हैं, इससे कार्य गति तेज नहीं हो पा रही।
बताया गया कि 20 दिन से काम ठप है। कारण, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले जहां तक पाइपलाइन बिछाई गई है वहां तक जलापूर्ति शुरू की जाए, फिर आगे पाइपलाइन डाला जाए। इससे मामला फंस गया है। कार्यदायी संस्था के अभियंता अब अधिकारियों के पास पहुंचकर मामला सुलझाने के लिए मनुहार कर रहे हैं।
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