बस्ती। कर्बला के शहीदों की याद में रविवार को शहर से लेकर गांव तक ताजिये और अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में हर समुदाय के लोग शामिल हुए। या हुसैन की सदाओं के बीच जुलूस कर्बला पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। ताजियों को सुपुर्दे खाक करने के बाद फातिहा और दरूद व सलाम पढ़ा गया।
शहर के गांधीनगर में अंजुमने इमामिया की ओर से इमामबाड़ा खुर्शीद मंजिल, निकट ईदगाह से ताजिये का जुलूस निकाला गया। इमामबाड़ा शाबान मंजिल, हुसैनी मस्जिद होते जुलूस जिला अस्पताल स्थित कर्बला पहुंचा। तकरीर, सलाम के बाद नम आंखों के साथ अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को अलविदा कहा।
सुहेल बस्तवी, जैन, आबिद, सोनू, फरजान, रफीक अहमद, हामरान व अन्य ने नौहा व सलाम पेश किया। युवाओं ने कुर्बानी के जज्बे के तहत जंजीर व छुरियों का मातम किया। मौलाना मोहम्मद हैदर खां ने कहा कि दुनिया ने हुसैनी ताकत को अपनी आंखों से देख लिया है। जिसके दिल में कर्बला बसा है, वह दुनिया के किसी जालिम के सामने सिर नहीं झुका सकता है।
मौलाना अली हसन, अरशद आबिद, शम्स आबिद, सज्जाद हैदर, हसन जावेद, जीशान हैदर रिजवी, मोहम्मद रिजवी, सफदर रजा, इमरान अली, साजिद, नकी हैदर, मुन्ने, शावर, फरजान, इरशाद, सोनू, कुशा, अली, दानिश, मुर्तजा, मानू, फैजी, असकरी, मुंतजिर, नुमैर, मुर्तजा आदि मौजूद रहे।
मुहर्रम कमेटी गांधीनगर ने निकाला जुलूस : मुहर्रम कमेटी गांधीनगर की ओर से ताजिये का जुलूस निकाला गया। सराय गल्ला मंडी से शुरू हुआ जुलूस स्व. गुमनाम के चौक तक आया। जुलूस में शामिल युवा अखाड़े में कला का प्रदर्शन कर रहे थे। डीजे पर नौहा, सलाम बजाया जा रहा था। कमेटी के सचिव शोएब आजम ने बताया कि यहां पर बड़ेवन, बरगदवा, पानी की टंकी, भूअर, पतेलवा, मिश्रौलिया आदि का जुलूस मुख्य जुलूस में मिल जाएगा। देर रात तक कर्बला पहुंचकर ताजियों को दफनाया गया। कुछ जुलूस मूड़घाट पर समाप्त हुए। अध्यक्ष फारूक इस्लाम, जुलूस इंचार्ज इरफान, अखाड़ा इंचार्ज सिराज राईनी, नायब सेक्रेटरी सैफुद्दीन, मोनू, अलकैस आदि शामिल रहे। गनेशपुर क्षेत्र के कटरा, मंझरिया, गनेशपुर के ताजिये का जुलूस कर्बला पहुंचा। बाजार में मेला जैसा दृश्य दिखा। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य समुदाय के लोग जुलूस में शामिल हुए।