बस्ती। शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहिसाब कटाैती से लोग परेशान हैं। बिजली निगम पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। लोगों का कहना है कि रात में बिजली गुल रहने से चोरी का खतरा बढ़ गया है। निगम के अधिकारी कटाैती का मुख्य कारण ओवरलोडिंग व रोस्टरिंग बता रहे हैं।
विक्रमजोत संवाद के अनुसार, रविवार को सुबह 8 बजे से गुल हुई बिजली दोपहर 1 बजे के बाद ही सुचारु हो पाई। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय लापरवाही से बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं रह गया है। रात में चोरी का खतरा बढ़ गया है। लोग रतजगा कर रहे हैं।
क्षेत्र के संतोष कुमार, अजय कुमार, पवन कुमार तिवारी, पंकज, दिलीप श्रीवास्तव, आनंद आदि ने बताया कि शनिवार रात हर दस मिनट पर कटौती होती रही। घंटों लाइन बिजली गुल रही। ग्रामीण फीडर की भी यही हाल रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार कटौती से आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और कारोबार पर असर पड़ रहा है। एसडीओ अक्षय यादव ने बताया कि आपूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण ओवरलोडिंग व रोस्टरिंग है। उन्होंने जल्द आपूर्ति सुचारु करने का आश्वासन दिया।
बनकटी संवाद के अनुसार, देईसाड़ उपकेंद्र से जुड़े नगर पंचायत बनकटी सहित आसपास के महादेवा, देईसाड़, बानपुर, लालगंज समेत कई क्षेत्रों के उपभोक्ता इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। मुश्किल से आठ से दस घंटे ही बिजली मिल रही है। लाेग बिजली निगम के प्रति आक्रोश जता रहे हैं।
महादेवा के डॉ. आरपी शुक्ला, विशाल पाल, राजीव तिवारी और दिनेश कुमार ने बताया कि बार-बार की कटौती से जीना मुहाल है।
बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। घरेलू उपकरण भी काम नहीं कर पा रहे हैं। राजेंद्र शुक्ल, जगदंबा शुक्ला, अनिल चौधरी और बाबूराम चौधरी ने कहा कि बिजली निगम का रवैया बेहद लापरवाह है। उन्होंने बताया कि दिन में मुश्किल से चार से पांच घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। बार-बार कटौती के कारण फ्रिज, पंखा, इन्वर्टर जैसे उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं।
कुदरहा संवाद के अनुसार, क्षेत्र के शंकरपुर उपकेंद्र के उपभोक्ताओं को मुश्किल से 8-10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वह भी बार-बार गुल होती रहती है।
परसांव निवासी हरिश्चंद्र ने बताया कि इस भीषण गर्मी में विभाग की लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। भिटौरा के अमित पाल ने कहा कि विभाग कभी रोस्टिंग, कभी ओवरलोड और कभी ब्रेकडाउन का बहाना बनाकर बिजली काट देता है। परसांव के उमेश चंद्र के अनुसार, रात की कटौती से पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे चोरी की आशंका और बढ़ जाती है।
पिपरपाती के धर्मेंद्र कुमारकी चौराहे पर फोटोकॉपी की दुकान ह।उन्होंने बताया कि बिजली न होने से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
एसडीओ एसएन सिंह ने बताया कि एक ही लाइन पर महसूस बनकटी और कुदरहा होने के कारण ओवरलोड है। कलवारी पावर हाउस से नई लाइन का कार्य प्रगति पर है। कार्य पूरा होने के बाद समस्या से निजात मिलेगी। दो-तीन दिनों से दिक्कत बढ़ी है और जैसे ही कोड मिलेगा, रोस्टरिंग के हिसाब से आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।