बस्ती। अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने नया प्लान तैयार किया है। जगह- जगह पुलिस अपने डिजिटल गुप्तचर को सक्रिय करेगी। तीसरी आंख के जरिये अपराधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी। इसके लिए सभी थानेदारों को अपने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पहल एसपी डॉ. यशवीर सिंह की ओर से की गई है। उन्होंने संवेदनशील बाजार, मार्ग, चौराहों पर खराब पड़े कैमरों को ठीक कराने के लिए सभी थानों में बजट भी मुहैया कराया है। ताबड़तोड़ घटनाओं के बाद एसपी ने सभी थानों से सीसीटीवी कैमरों का फीडबैक लिया है। पता चला कि जिले भर के संवेदनशील जगहों पर लगाए गए कैमरों में से 60 फीसदी खराब हालत में है।
कैमरा बंद होने से किसी तरह की आपराधिक घटना होने पर पुलिस को निजी घरों, होटलों, बैंकों के बाहर लगे कैमरों को खंगालना पड़ता है। जिससे अपराधियों के डिजिटल साक्ष्य मिलने में कठिनाई होती है। जबकि अपराधियों तक पहुंचने में डिजिटल हथकंडा पुलिस की राह आसान करता है। ऐसे में एसपी ने सभी थानेदारों को अपने डिजिटल साथी को सक्रिय रखने की हिदायत दी है। इसके लिए एसपी ने बजट भी मुहैया कराया है।
बता दें कि जिले भर में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे पुलिस की ओर से लगाए गए हैं। इसमें से लगभग 60 प्रतिशत कैमरे खराब हो गए हैं। इन कैमरों को दुरुस्त कराने के बाद सभी संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ जाएगी।
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घटना के अनावरण में डिजिटल साक्ष्य की अहम भूमिका
चोरी, लूट, हत्या समेत किसी भी तरह की गंभीर घटना होने पर पुलिस को जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों की काफी मदद मिलती है। इसके जरिये पुलिस को अपराध एवं अपराधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी हाथ लगते हैं। इसके बाद घटना के अनावरण का रास्ता काफी आसान हो जाता है। अभी पिछले दिनों परशुरामपुर थाने से लापता दरोगा के शव मिलने के बाद स्थिति काफी रहस्यमय हो गई थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्य के मदद से ही इस घटना के तह तक पहुंची। दरोगा जिस रास्ते से निकले थे उन जगहों पर लगे कैमरों से फुटेज के जरिये उनके लोकेशन ट्रेस होते गए। इसके आधार पर पुलिस को घटना से पर्दा हटाने में काफी मदद मिली। जबकि हर्रैया क्षेत्र के हसीनाबाद में ढाबा संचालक को अपहरण करने के बाद मारने पीटने के मामले में भी पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने में कैमरे की मदद ली थी।
कोट
जिले के सभी थानेदारों को सीसीटीवी कैमरा दुरुस्त कराए जाने के लिए बजट मुहैया कराया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि बहुत जल्द खराब कैमरों को सक्रिय कराया जाए। ताकि तीसरी आंख से सभी जगहों की निगरानी होती है। सीसीटीवी कैमरे पुलिस के लिए मददगार साबित होते हैं।
-डॉ. यशवीर सिंह, एसपी।