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हॉकी में राष्ट्रीय स्तर पर जिले का परचम लहरा चुके हैं खिलाड़ी

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हॉकी खिलाड़ी अमन दूबे। - फोटो : BASTI
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हॉकी में राष्ट्रीय स्तर पर जिले का परचम लहरा चुके हैं खिलाड़ी
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बस्ती। ओलंपिक में महिला हॉकी टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने से खेल प्रतिभाओं में उत्साह का संचार हुआ है। जिले की प्रतिभाओं में एक बार फिर से उम्मीद जगी है कि वे भी देश का नाम रोशन करने में भागीदार बन सकते हैं।
अमर शहीद सत्यवान सिंह क्रीड़ा स्टेडियम से बारीकियां सीखकर तमाम हॉकी खिलाड़ी जिले व प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश का सपना है कि वे देश का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करें। हॉकी खिलाड़ियों ने बताया कि देश की टीम को सेमीफाइनल में देखकर मनोबल बढ़ रहा है। कोविड काल से स्टेडियम में हॉकी का प्रशिक्षण शिविर नियमित चलता रहा, लेकिन जून तक हॉकी का कोई प्रशिक्षक नहीं था। ऐसे में खिलाड़ियों को भविष्य की चिंता सता रही थी। दो जुलाई को शासन से हॉकी के लिए नए प्रशिक्षक मो. आसिफ खान की तैनाती की गई है। स्टेडियम से करीब दर्जनभर खिलाड़ी विभिन्न वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके हैं। कई खिलाड़ी स्टेडियम में प्रैक्टिस करते हुए खेल छात्रावास के लिए चुने गए।
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तीन राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता खेल चुकी हैं पूजा
सिविल लाइंस स्थित डाक बंगला निवासी पूजा भारती बताती हैं कि स्टेडियम से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। बतौर पूजा 2017 में स्टेडियम में प्रैक्टिस करना शुरू किया और इसी साल जुलाई में स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के लिए चयन हो गया। 2018-19 में स्कूल नेशनल गेम अंडर-17 प्रतियोगिता खेला। 2019 में 9वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप खेला। 2020 में खेलो इंडिया यूथ प्रतियोगिता में प्रदेश की ओर से खेलने का अवसर मिला। पूजा खुद को एक राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने का सपना देखती हैं। उधर, बनकटी ब्लॉक क्षेत्र के मथौली निवासी दीपक पाल ने बताया कि 2008 से स्टेडियम में हॉकी की प्रौक्टिस कर रहे हैं। 2012 में आवासीय क्रीड़ा छात्रावास रामपुर-मुरादाबाद में चयन हुआ। 2013 से 15 तक प्रदेश की सब जूनियर टीम में हॉकी इंडिया प्रतियोगिता खेला। 2016 व 17 में अंडर-19 टीम में खेला। 2018 में लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिला ले लिया, तब से विश्वविद्यालय के लिए खेल रहा हूं। कोविड के कारण आजकल स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रहा हूं, ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना है।
प्रदेश की टीम में खेला चुके हैं तेलियाजोत के अमन
सदर तहसील के तेलियाजोत निवासी अमन दूबे बताते हैं कि 2017 में स्पोर्ट्स हॉस्टल इटावा में चयन हो गया। इसके बाद वे इटावा में प्रैक्टिस करते हुए प्रदेश की अंडर-14 व 16 टीम में चयनित हुए। 2018 में प्रदेश की अंडर-14 और 2019 में अंडर-16 टीम में चयन हुआ। वे पहली बार 2014 में स्टेडियम प्रैक्टिस करने आए थे। स्टेडियम से ही हमें पहचान मिली है। देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाने का सपना है। उधर, शहर के महरीखांवा निवासी मनीष चौरसिया ने स्टेडियम में प्रैक्टिस करते हुए दो राष्ट्रीय व एक अंतरीय विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में खेल चुके हैं। 2007 से स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रहा हूं। 2012 में पहली बार प्रदेश की जूनियर नेशनल टीम में चुना गया और दूसरी बार 2014 में इसी टीम में चयन हुआ। 2018 में अंतरीय विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में खेलने का अवसर मिला। अब हॉकी प्रशिक्षक बनने की तैयारी कर रहा हूं।
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एस्ट्रोटर्फ के लिए शासन को भेजा प्रस्ताव: आरएसओ
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा बताते हैं कि जिले के युवाओं में हॉकी के प्रति हमेशा से दीवानगी रही है। वर्तमान में 21 खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए आ रहे हैं। इनमें सात युवतियां व 14 युवक हैं। अब हॉकी के मैच एस्ट्रोटर्फ (कृत्रिम घास एवं प्रकाश) के मैदान पर होते हैं। खिलाड़ी लंबे समय से एस्ट्रोटर्फ की मांग कर रहे हैं, जिसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।

हॉकी खिलाड़ी पूजा भारती। - फोटो : BASTI

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