फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: बुखार से तड़प रहे लोग, मुंह का स्वाद बदला तो पहुंचे अस्पताल

विज्ञापन
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्चे संवाद
विज्ञापन
बस्ती। मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। तेज बुखार के साथ बदन और सिर में दर्द, खांसी, उल्टी के अलावा कुछ मरीजों में सूंघने की क्षमता और मुंह का स्वाद कम होने की शिकायत भी सामने आ रही है। कई मरीजों को आठ से 10 दिन तक बुखार से राहत नहीं मिल रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में करीब 40 फीसदी बुखार से पीड़ित हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़कर औसतन 1100 प्रतिदिन हो गई है। पहले यह संख्या 900 से 1000 के बीच रहती थी। बृहस्पतिवार को ओपीडी में 1131 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया, जबकि गंभीर स्थिति वाले आठ मरीजों को भर्ती किया गया। जनरल फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि वायरल बुखार के मरीजों में खांसी, उल्टी, हाथ-पैर और सिर में दर्द की शिकायत मिल रही है।
सीबीसी जांच में अधिकतर मरीजों की रिपोर्ट सामान्य आ रही है। करीब तीन से पांच फीसदी मरीजों में महक और स्वाद कम होने की समस्या देखी जा रही है। हालांकि, मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर कम होने या गंभीर स्थिति के मामले सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई मरीज तीन दिन दवा लेने के बाद उसे बंद कर देते हैं। इससे बुखार दोबारा लौट आता है।
विज्ञापन

मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पर्याप्त अवधि तक दवा लेने की सलाह दी जा रही है। एमडी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि कुछ मरीजों में आठ से 10 दिन तक बुखार रहने के बाद स्वाद कम होने की शिकायत सामने आ रही है। जिले में बुखार के साथ स्वाइन फ्लू और डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीज भी जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
-
हाईग्रेड फीवर के बाद बच्चों को आ रहे झटके
पीआईसीयू में इस समय छह बच्चे भर्ती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि इनमें तेज बुखार के साथ झटके आने की समस्या भी है। जरूरत पड़ने पर कुछ बच्चों को ऑक्सीजन पर रखा जा रहा है। ऐसे मरीजों को ठीक होने में आठ से 10 दिन तक का समय लग रहा है। बदलते मौसम में बच्चों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
-
जांच बढ़ी, अस्पताल में दवाएं उपलब्ध
जिला अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता होने के साथ मरीजों की समय से जांच भी कराई जा रही है। एसआईसी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पैथोलॉजी में जांच की संख्या बढ़ी है। पहले रोजाना करीब 250 जांच होती थीं, जो अब बढ़कर 300 से अधिक हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें