मुंडेरवा। जिंदगी में जब तुम मुड़कर देखोगे तो समझ जाओगे कि जो गलत हुआ वह होना कितना जरूरी था। यह बातें बोदवल बाजार के हनुमान गढ़ी मंदिर चल रहे श्रीराम महायज्ञ के प्रथम दिन शुक्रवार को कथाव्यास पारसमणि ने कही।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को कर्मों का लिखा हर हाल में भुगतना पड़ता है। दुख बेचे नही जा सकते हैं और सुख खरीदे नहीं जा सकते। प्रभु हमें इस संसार में कितना निश्चित करके भेजते है कि संसार में आते समय न कुछ लाना पड़ता है और न जाते समय कुछ ले जाना पड़ता है। बस आपका कर्म और ईश्वर का लिया हुआ हरि नाम आपके साथ चलता है। उन्होंने कहा कि प्रभु ध्यान मात्र से ही मनुष्य का मनोबल बढ़ जाता है। इस दौरान अशोक कसौधन, राम स्वार्थ, पूर्व विधायक राजमणि पांडेय, वरुण पांडेय, दिलीप, राजेश कसौधन, गिरजेश आदि मौजूद रहे।