दुबौलिया सीएचसी में नहीं है एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की सुविधा
जांच के लिए लोगों को आना पड़ता है जिला मुख्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुबौलिया में न एक्सरे की सुविधा है और न ही अल्ट्रासाउंड की। इन दोनों जांचों के लिए इलाके के लोगों को जिला मुख्यालय आना पड़ता है। इसमें उन्हें शारीरिक परेशानी तो होती है, किराए के रूप में धन भी खर्च करना पड़ता है।
दुबौलिया सीएचसी के अंतर्गत तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आते हैं। इसमें चिलमा, दुबौलिया व विशेषरगंज हैं। यहां रोजाना करीब चालीस से पचास मरीजों की ओपीडी संचालित होती है। इसमें से अक्सर पांच से सात मरीजों को एक्सरे या अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है। लेकिन सीएचसी समेत संबद्ध प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। और तो और यहां प्राइवेट में अस्पतालों में भी अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की सुविधा नहीं है। ऐसे में सरयू व मनवर के बीच बसे दोआबा क्षेत्र के बीच बसी करीब डेढ़ लाख की आबादी को एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के लिए जिला मुख्यालय तक भटकना पड़ता है। उपाध्याय पुरा निवासी हृदय राम पाठक कहते हैं कि जब कभी एक्सरे या अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है तो जिला मुख्यालय तक करीब पैंतीस किलोमीटर तक का सफर करना पड़ता है। इसमें पूर दिन लग जाता है और पैसे भी अधिक खर्च होते हैं। शुकुलपुरा निवासी प्रमोद शुक्ल कहते हैं कि सीएचसी स्तर पर एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की सुविधा बहुत जरूरी है। यह सुविधा न होने से बस्ती जाना पड़ता है। नचना निवासी शेर सिंह का कहना है कि सीएचसी व पीएचसी एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की सुविधाएं जरूरी हैं। अभी तक ब्लॉक क्षेत्र में प्राइवेट में भी इस प्रकार की सुविधाएं नहीं दिखाई पड़ रही हैं। बता दें कि दुबौलिया सीएचसी पर एमओआईसी डॉ. प्रभाकर चौधरी, डॉ. पुनीत पांडेय, महिला चिकित्सक डॉ. आराधना त्रिपाठी व डॉ. सुशील कुमार तैनात हैं। एक फार्मासिस्ट व एक लैब टेक्नीशियन भी कार्यरत हैं। एमओआईसी ने कहा कि एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के लिए रेफर करना पड़ता है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।