बस्ती। शहीद सत्यवान सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम बस्ती में कई खेलों में कोच का अभाव है। इसके चलते खेल प्रतिभाओं में निखार नहीं आ पा रही है। शिविर संचालित न होने से खिलाड़ी निजी एकेडमी की ओर रुख कर गए हैं। खिलाड़ी फीस भरकर खेल का ककहरा सीखने को मजबूर हैं।
स्टेडियम होने के बावजूद यहां कोच की कमी से जिले के खिलाड़ी कई खेलों में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। स्टेडियम में कम से कम 12 कोच होने चाहिए। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी जो बास्केटबॉल से और उप क्रीड़ाधिकारी प्रमोद जायसवाल फुटबॉल खेल से जुड़े हुए हैं। साथ ही चार अंशकालीन कोच हैंडबॉल में विकास सोनकर, कुश्ती में कमलेश यादव, हॉकी में स्मिता गुप्ता और खेलो इंडिया एथलेटिक्स में दीप पटेल तैनात हैं।
क्रिकेट, बैडमिंटन, कबड्डी, जूडो आदि खेल में कोच नहीं हैं। इससे शिविर संचालित नहीं है। क्षेत्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोच के अभाव में जिले के खिलाड़ियों की प्रतिभा दम तोड़ रही है। स्टेडियम में प्रतिदिन 300 से अधिक खिलाड़ी प्रैक्टिस करने आते हैं, लेकिन स्टेडियम में खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करवाने के लिए कोच न होने से खिलाड़ी अन्य शहरों में जाकर अपना भविष्य संवार रहे हैं।
संपन्न घरों के प्रतिभावान खिलाड़ी अन्य शहरों में जाकर अभ्यास कर लेते हैं लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर घरों की प्रतिभाओं को उचित अवसर नहीं मिल पाता।