बस्ती। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग में क्रिटिकल सेवाओं में अपना योगदान दे रहे कर्मियों की दीपावली फीकी रहेगी। तमाम प्रयास के बाद भी विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे सौ से ज्यादा कर्मियों को मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। इनमें तो कुछ ऐसे कर्मचारी हैं, जिनको तीन माह से मानदेय नहीं मिला है।
मानदेय न पाने वालों में चिकित्सक, स्टॉफ नर्स, काउंसलर आदि शामिल हैं। विभाग का कहना है कि अब दीपावली के बाद ही बचे हुए लोगों के मानदेय का भुगतान संभव है। एनएचएम संविदा कर्मी संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि एमडी की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिन जिलों ने समय से भुगतान के लिए सूची भेजी गई, उनका भुगतान हो गया। अगर कुछ लोगों का भुगतान लटका था तो दोबारा प्रयास किया जाना चाहिए था। जिलाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया कि मानदेय न मिलने से जिन लोगों को ज्यादा समस्या है, उनसे कहा गया है कि वे संगठन से संपर्क करें, उनकी कुछ मदद करने का प्रयास किया जाएगा।
एनएचएम के तहत लगभग 1100 कर्मी स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एनएचएम में भुगतान की सेंट्रलाइज व्यवस्था शुरू होने के कारण इन कर्मियों का जुलाई से मानदेय का भुगतान प्रभावित है। मानदेय के लिए जिले से सूची तैयार कर एनएचएम मुख्यालय को भेजी गई, जो किसी कारण से रिजेक्ट हो गई। बाद में सुधार के साथ सूची दोबारा प्रेषित की गई। मानदेय न मिलने से नाराज कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। शनिवार को काफी लोगों का मानदेय उनके खातों में पहुंच भी गया, लेकिन कुछ कर्मी मानदेय से वंचित रह गए। मुख्यालय पर अवकाश की बात कहकर कहा गया कि अब जो होना होगा, वह त्योहार के बाद ही होगा। जो लोग मानदेय से वंचित रह गए उनमें पीआईसीयू, डिलेवरी प्वाइंट, एनसीडी क्लीनिक आदि जगहों के कर्मी शामिल हैं।