बस्ती। पुलिस महकमे में प्रतीक्षा सूची में शामिल इंस्पेक्टरों के बीच नई प्रतिस्पर्धा की मुहिम छेड़ी गई है। अपराध से जुड़े अनसुलझे मामलों को सुलझाने के लिए अब एसओजी, स्वाट समेत विभिन्न सेल में तैनात इंस्पेक्टर और उपनिरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले के चर्चित जामवंत हत्याकांड, दुष्कर्म के बाद मासूम की हत्या और हरिकांत हत्याकांड के खुलासे में जिसने सफलता अर्जित की उसे थानाध्यक्ष पद का बड़ा इनाम मिलेगा। इस तरह का नया प्रयोग एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने किया है। उन्होंने महकमे के विभिन्न सेलों में तैनात या प्रतीक्षारत इंस्पेक्टर एवं तेज उपनिरीक्षकों को नया टास्क सौंपा है। एसपी ने इन अफसरों को स्पष्ट तौर से बता दिया कि थानेदारी के लिए जुगाड़ लगाने या दरबारी करने की जरूरत नहीं है।
अलबत्ता अपराध से जुड़े अनसुलझे मामलों को सुलझाने में काबलियत साबित करने वाले इंस्पेक्टर एवं उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को इनाम में थानेदारी अपने आप मिल जाएगी। इससे महकमे में एक नई प्रतिस्पर्धा छिड़ गई है। एसपी के इस नए प्रयोग से कथित जामवंत हत्याकांड के खुलासा की उम्मीद बढ़ गई है।
बताया जा रहा हैं कि पुलिस की एक टीम मामले की तह तक पहुंच चुकी है। पुलिस की जांच में अधजला शव जामवंत का नहीं निकला था। जबकि वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र के धौरहरा गांव के रहने वाले जामवंत की पत्नी और बच्चों का कहना है कि जामवंत की हत्या करके शव को उसके ही विद्यालय में जला दिया गया था। इस मामले में परिजन की तरफ से हत्या की प्राथमिकी भी वॉल्टरगंज थाने में दर्ज कराई गई थी।
बाद में जब अधजले शव का डीएनए टेस्ट कराया गया तो जामवंत के परिजनों से मेल नहीं खाया। इसके बाद पुलिस को संदेह हो गया कि जामवंत जिंदा है। पुलिस और लोगों को गुमराह करने के लिए उसने यह नाटकीय खेल रचा था। दो साल से पुलिस जामवंत की तलाश में है। मगर किसी नतीजे पर पुलिस नहीं पहुंची है।
जामवंत का एक दोस्त अंगद उसके कथि हत्याकांड के चार महीने से पहले से खेत और ट्रैक्टर बेचकर लापता हो गया था। इस घटना की कई कड़ी अभी तक अनसुलझी है। महकमे में चर्चा हैं कि इस केस का पत्ता पुलिस बहुत जल्द खोल देगी।
डेढ़ साल से हरिकांत हत्याकांड का नहीं हुआ खुलासा : डेढ़ साल पहले मुंडेरवा थाना क्षेत्र के रामपुर रेवटी गांव के रहने वाले हरिकांत गुप्ता की रहस्यमय ढंग से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। हरिकांत फेरी लगाकर कपड़ा बेचता था। तीन मई 2024 की रात वह अपने घर पर सो रहा था। किसी के फोन आने पर रात लगभग 10.30 बजे हरिकांत कहीं चला गया।
उधर से लौटा तो गला कटा हुआ था। बाद में उसकी मौत हो गई। भाई संतोष गुप्ता कहते हैं कि उनके भाई की हत्या की गई थी। वह इस मामले को लेकर एसपी डीआईजी से कई बार मिल चुके लेकिन, हत्या का राज सामने नहीं आ सका।