नहीं थमा दूषित जलापूर्ति का सिलसिला
गैस की पाइपलाइन बिछाने से तीन महीने से बाधित हो रही जलापूर्ति
बस्ती। शहर में गंदा व दूषित पानी की आपूर्ति थमने का नाम नहीं ले रहा। कारण मालवीय रोड व दक्षिण दरवाजा क्षेत्र में गैस कंपनी पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रही है और उससे आए दिन जलापूर्ति की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है। जब तक पाइप जोड़ने की नौबत आती है, तब तक बहुत देर हो जाती है। कई दिनों बाद जलापूर्ति पटरी पर तो जा जाती है, लेकिन फिर से दूषित जल आने लगता है। इससे नागरिक परेशन हैं।
पिछले बृहस्पतिवार को मालवीय रोड पर डाली गई आठ इंच की पाइप भी गैस कंपनी के जेसीबी की चपेट में आकर करीब दस फिट तक क्षतिग्रस्त हो गई तो पूरे इलाके में जलापूर्ति ठप हो गई। बैरिहवां, रौता, बभनगांवा, पिकौरा बख्श व पिकौरा दत्तूराय आदि वार्डों में पानी के लिए हाहाकार मच गया। इन वार्डों में तीन दिन तक जलापूर्ति ठप रही। नागरिक डिब्बाबंद जलापूर्ति के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर हुए। सोमवार देर शाम किसी तरह से जलापूर्ति बहाल हुई तो एकदम गंदा पानी टोटियों से आने लगा। दूसरी तरफ दक्षिण दरवाजा क्षेत्र में भी कंपनी के जेसीबी से पानी की पाइपलाइन कट गई तो पठानटोला, मिश्रौलिया व पुरानी बस्ती क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में भी जलापूर्ति बाधित हो गई है।
डेढ़ साल बाद हुई पानी की जांच
शहर में सप्लाई किए जाने वाले पानी की जांच करीब डेढ़ साल बाद हुई है। कारण यह है कि कोरोना काल में पानी की जांच नहीं हो पाई थी और इधर जब जांच कराने की नौबत आती तो आए दिन पानी दूषित हो जा रहा है। जलकल की अवर अभियंता अर्चना कुमारी के अनुसार इधर पानी की जांच कराई गई है, जिसमें पानी शुद्ध पाया गया है। अगर फिर दूषित जल की शिकायत मिलती है तो दोबारा जांच करवाकर जलापूर्ति कराई जाएगी। गंदे पानी को रोकने के लिए पाइप वॉश भी कराया जा रहा है।
‘जब काम होता है तो कुछ दिक्कतें आती हैं’
गैस कंपनी के साइट मैनेजर अभय मिश्र ने बताया कि जब काम होता है तो कुछ दिक्कतें आती हैं। पाइपलाइन जोड़ने के लिए प्रयास किया जा रहा है। जलापूर्ति शुद्ध करने का काम नगर पालिका व जलकल विभाग का है। ईओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कंपनी अगर लापरवाही कर रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साफ पानी के आपूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।