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इस बार राजकीय गोदामों पर नहीं मिलेगा मोटे धान का बीज

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राजकीय गोदामों पर नहीं मिलेगा मोटे धान का बीज
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बस्ती। कृषि विभाग राजकीय बीज गोदामों के माध्यम से किसानों को अनुदान पर बीज वितरित करता है। विभाग बीज पर 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान भी देता है। लेकिन, इस बार खरीफ सीजन में विभाग किसानों को मोटे धान का बीज वितरित नहीं करेगा। रिसर्च मोटे धान की खेती करने वाले किसानों को इससे झटका लगा है। अब उन्हें रिसर्च मोटे धान के बीज के लिए निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ेगा।
कृषि विभाग राजकीय बीज गोदामों से इस बार 1132 क्विंटल धान बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। जबकि निजी दुकानों से नौ हजार पचास क्विंटल धान बीज वितरित किया जाएगा। बफर गोदाम प्रभारी हेरंबनाथ त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल करीब ढाई सौ क्विंटल मोटा और नौ सौ क्विंटल महीन धान बीज किसानों को वितरित किया गया था। बताया कि राजकीय गोदामों से रिसर्च बीज वितरित किया जाता है। रिसर्च मोटे धान की पैदावार छह से सात क्विंटल बीघा है जबकि हाईब्रिड 10 क्विंटल से ऊपर पैदा होता है। इसलिए किसान रिसर्च बीज को कम पसंद करते हैं। पिछली साल बड़ी मुश्किल से मोटे धान के बीज वितरित हो पाए थे। इसलिए इस बार इसे नहीं मंगाया गया।
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स्वादिष्ट होते हैं रिसर्च मोटे धान के चावल
- रिसर्च मोटे धान की पैदावार कम होती है। लेकिन इसके चावल खाने में बहुत स्वादिष्ट होते हैं। ऐसे में कृषि विभाग को चाहिए कि गोदामों पर इसका बीज उपलब्ध कराए।
राम चंदर चौधरी, सल्टौआ
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रिसर्च धान में कम लगते हैं रोग
- हाईब्रिड धान में पैदावार अधिक होती है तो उसमें लागत भी ज्यादा लगती है। रिसर्च धान में रोग कम लगते हैं जो फसल लागत को कम करने में सहायक है।
केदारनाथ मिश्रा, टिनिच शुक्ला
बहुत कम किसान करते हैं पसंद
- रिसर्च मोटे धान में पैदावार कम होने से बहुत कम किसान इसे पसंद करते हैं। इसलिए इस बार इसे नहीं मंगवाया गया।
मनीष कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, बस्ती
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