बनकटी। महीनों से भुगतान न मिलने से मनरेगा मजदूर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। मनरेगा से भी उनका मोह भंग होता जा रहा है। मटीरियल सप्लायर भी भुगतान न मिलने से परेशान है।
मनरेगा मजदूरों की मजदूरी ओर मटीरियल आपूर्ति करने वालों का करोड़ों रुपये बकाया है। पारिश्रमिक न मिलने से मजदूर काम पर नहीं आ रहे हैं। गांव में तालाब की खुदाई समेत अन्य विकास कार्य ठप है। मजदूर काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। विकास खंड के 86 ग्राम पंचायतों के मजदूरों का आरोप है कि 12 दिसंबर से मजदूरी नहीं मिली।
परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। प्रधान और ब्लाक का चक्कर लगाकर थक चुके हैं। विकास कार्यों के लिए मटीरियल उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों के मुताबिक करीब एक वर्ष का भुगतान बकाया है। ऐसे में आर्थिक स्थिति खराब हो रही है।मनरेगा मजदूर किरन, पुष्पा देवी, रंजना देवी, शकुंतला, मालती, प्रमिला, मगरा, मीना, मधुबाला आदि ने बताया कि चार माह से पारिश्रमिक नहीं मिला है। इसके कारण घर चलाना मुश्किल हो रहा है। संजय शर्मा ने बताया कि मनरेगा मजदूरों का भुगतान इसी माह में आने की संभावना है। संवाद