नगर बाजार। कुआनो नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण ककराई, मोहटा समेत आसपास के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी खेतों में घुस गया है। सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। पकने के कगार पर पहुंची फसल डूबने से किसानों चिंता बढ़ गई है। वहीं, शहर से सटे अमहट में धोबी घाट, अंत्येष्टि स्थल और श्रद्धालुओं के लिए बने शौचालय आदि भी पानी से घिर गई हैं। इससे ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पिछले दो दिनों से कुआनो नदी का जलस्तर बढ़ने से ककराई, मोहटा और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है। खेतों में खड़ी धान की फसल डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो फसल सड़ने से भारी नुकसान हो सकता है। स्थानीय किसान भागीरथी, रामनरेश, प्रकाश, बुद्धिराम, संतोषी, रामपत, घनश्याम और शिवनाथ ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर खाद, बीज और दवाओं पर खर्च किया था। इस बार धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन नदी का पानी खेतों में भरने से उनकी मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है।
किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा की मांग की है। ग्राम प्रधान स्मृति स्वामी भूषण ने बताया कि लेखपाल भूपेंद्र दुबे ने जलमग्न फसलों का निरीक्षण कर प्रशासन को स्थिति से अवगत करा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा मिलेगा।
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अमहट में सार्वजनिक सुविधाएं पानी में
शहर से सटे अमहट में कुआनो नदी के किनारे स्थित धोबी घाट, अंत्येष्टि स्थल, सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए बनाया गया शौचालय पानी से घिर गया है। धोबी घाट पर कपड़े धोने का काम ठप हो गया है, जबकि अंत्येष्टि स्थल पर पानी भरने से अंतिम संस्कार करने में लोगों को परेशानी हो रही है। शौचालय जलमग्न होने से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, हैंडपंप के पानी में डूबने से पेयजल की समस्या भी खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से जलनिकासी की व्यवस्था कराने और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की मांग की है। वहीं, मूड़घाट के आसपास पानी भरने से धान फसल डूब गई है। सड़क पर पानी पहुंचने वाला है।