बस्ती। कायाकल्प योजना ने जिले के परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदल दी है। विद्यालयों में बच्चों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने के लिए 19 पैरामीटर पर काम कराया गया है। इनमें शौचालय, पेयजल, विद्युतीकरण, रैंप, चहारदीवारी, फर्नीचर समेत अन्य सुविधाएं शामिल हैं। अधिकांश विद्यालय इन मानकों पर संतृप्त हो चुके हैं।
जिले में कुल 2,071 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। कायाकल्प योजना के तहत इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग आधुनिक और स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित पेयजल, कक्षाओं में टाइल्स, रंग-रोगन, पेंटिंग, चहारदीवारी और गेट की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ब्लैकबोर्ड, पंखे और बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर भी उपलब्ध कराया गया है।
योजना के तहत हुए कार्यों का असर विद्यालयों में दिखाई देने लगा है। पहले जहां कई विद्यालयों में बच्चे टाट पर बैठकर पढ़ाई करते थे, वहीं अब फर्नीचर पर बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालयों का वातावरण भी पहले की अपेक्षा बेहतर हुआ है।
विकास खंड बहादुरपुर के कोठवा भरतपुर स्थित पीएम श्री संविलियन विद्यालय इसका उदाहरण है। कायाकल्प के तहत विद्यालय के कक्षों में टाइल्स लगाई गई हैं। विद्युतीकरण और शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। विद्यालय में बाल वाटिका और खेल का मैदान भी है। प्रधानाध्यापक राम ललित उपाध्याय के नेतृत्व में विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर दिया जा रहा है। यहां 406 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध है।
विद्यालय में बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए लर्निंग बाय डूइंग (एलबीडी) लैब बनाई गई है। वहीं, डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से बच्चों को किताबों के साथ डिजिटल शिक्षा से भी जोड़ा जा रहा है।
बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों को कायाकल्प योजना से आच्छादित किया जा चुका है। 19 पैरामीटर के अनुसार विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया गया है।