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जो बात कह दी उस पर अडिग रहते थे कल्याण

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सल्टौआ(बस्ती)। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह यूं ही नहीं जन नेता बने थे। उनकी खासियत थी कि किसानों और गांवों से जुड़ी समस्या का त्वरित समाधान करते थे। उसमें जरा भी लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं करते थे। जो बात कह देते थे उस पर अडिग रहते थे। राम मंदिर आंदोलन के दौरान वह कई बार बस्ती आए। गोरखपुर की बैठकों में बस्ती के तमाम लोगों को नाम से बुलाते थे, जिससे सभी को उनमें अपनापन दिखता था। पार्टी पदाधिकारी के अनुरोध पर, उन्होंने 24 घंटे में गन्ना क्रय केंद्र स्थापित करा दिया।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता दादा विजयसेन पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के साथ राम मंदिर आंदोलन में जुड़े थे। शनिवार की रात उनके निधन की खबर मिली तो वह भावुक हो उठे और रात में ही उनके अंतिम दर्शन को लखनऊ रवाना हो गए। फोन पर बात करते हुए दादा विजय सेन सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह एक बार जो कह देते थे, उस पर अडिग रहते थे। बहुत कम ही लोग होते हैं जो अपनी बात पर पूरी तरह तटस्थ रहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के के कार्यकाल के दौरान भाजपा संगठन में पदाधिकारी रहे ओम प्रकाश शुक्ल ने बताया, कल्याण सिंह ने एक बार गोरखपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक ली थी। जिसमें क्षेत्र के भाजपा नेताओं के साथ वह भी गए थे। जहां पर सब लोगों के साथ मेरा भी नाम पता भी पूछा और क्षेत्र के समस्याओं की जानकारी भी ली। कहा कि यदि स्थानीय स्तर से कोई काम नहीं होता है तो मुझसे जरूर बताना। उनके बात से प्रेरित होकर पार्टी से मेरा लगाव बढ़ गया। छोटी-छोटी समस्या का तो स्थानीय स्तर पर हल हो जाता था। लेकिन एक बार किसानों की बड़ी समस्या मेरे सामने आ गई। फिर लखनऊ उनसे मिलने चल दिया। उनसे मिलना चाहा तो कुछ लोगों ने मुझे रोक दिया। लेकिन मैं उनके आवास के बाहर खड़ा रहा। जब कुछ देर बाद बाहर निकल रहे थे, तो उनकी नजर मेरे ऊपर पड़ी और रुक कर पूछा कब आए हो। यह पूछने के साथ तुरंत आवास के अंदर ले गए। हमने उनसे किसानों के लिए क्षेत्र में गन्ना क्रय केंद्र लगवाने के लिए कहा। उन्होंने कहा आज रुको कल इस विभाग के अधिकारी को बुलाकर इस मुद्दे पर बात करता हूं। सुबह इस समस्या का हल करा दिया। इसी वजह से जो एक बार कल्याण सिंह से मिलता उनका मुरीद हो जाता था।
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