बिना सुरक्षा उपकरण के ही बिजली का फॉल्ट ठीक करता कर्मचारी। संवाद
बस्ती। बिजली मरम्मत का कार्य करने वाले कर्मचारियों के पास सुरक्षा किट भी उपलब्ध नहीं रहता है। निगम का दावा है कि सभी उपकेंद्रों पर बिजली कर्मचारियों के लिए सुरक्षा किट उपलब्ध कराए गए हैं। लेकिन, यह दावे झूठे साबित हो रहे हैं। बीते बुधवार को नगर विद्युत उपकेंद्र पर तैनात संविदा लाइनमैन की मरम्मत कार्य के दौरान झुलसने का मामला विभाग को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है।
अमूमन बिजली मरम्मत कार्य एवं उपकेंद्रों से सुचारू आपूर्ति का संचालन संविदा कर्मियों के भरोसे हैं। निजी सेवा प्रदाता कंपनियों से संविदा पर इनकी तैनाती कराई जा रही है। संविदा कर्मियों का कहना है कि खतरे वाले सभी कार्य उन्हीं पर थोपा जा रहा है। विभागीय लाइनमैन केवल मॉनीटरिंग का कार्य करते हैं। खंभे पर चढ़ने से लेकर ट्रांसफार्मर दुरुस्त करने तक का कार्य संविदा कर्मचारी संभाल रहे हैं।
सुरक्षा की दृष्टिकोण से इन्हें दास्ताना, पैर में जूता, हेलमेट, तार कसने का इंस्ट्रूमेंट समेत कई अनिवार्य उपकरण मुहैया होने चाहिए। यह करंट की चपेट में आने पर विद्युत प्रवाह होने से बचाव करते हैं। जानकारों का कहना है कि प्रत्येक उपकेंद्र पर दो से तीन मरम्मत टीम तैनात रहती है। सुरक्षा के कुछ एक उपकरण दिखावे के लिए रखे रहते हैं। संविदा कर्मचारी बिना सुरक्षा किट के ही लाइन का मरम्मत कार्य कर रहे हैं।