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अभियान खत्म होने के 15 दिन में फिर हालात जस के तस

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नगर में अवैध ऑटो-टैक्सी स्टैंड का बोलबाला बरकरार
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बस्ती। नगर क्षेत्र के बीच भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों पर अवैध रूप से ऑटो-टैक्सी स्टैंड का बोलबाला बरकरार है। यात्री बसें भी जहां-तहां अवैध रूप से ठहर कर सवारियों को भरने लगती हैं जिससे भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहे जाम से ठहर जाते हैं। ऐसे में मजबूरन लोग परेशान होकर रह जाते हैं। हालांकि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से 25 से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया गया था लेकिन, समस्या का पूर्ण समाधान कहीं नजर नहीं आ रहा है। गौरतलब है कि 25 से 30 अप्रैल के दौरान चलाए गए विशेष अभियान के तहत नगर में मौजूद अवैध बस, टैक्सी व ऑटो स्टैंड हटवाने की योजना थी। इस योजना के अंतर्गत चलाए गए खास अभियान में नगर पालिका के तय स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर अवैध रूप से खड़े होनेवाले वाहनों को हटवाया गया लेकिन यह सब बेअसर साबित हो गया। समस्या से निजात लोगों को नहीं मिली। लिहाजा अवैध स्टैंड होने के कारण अभी भी जाम में लोग फंस जाते हैं।
बता दें कि तमाम कोशिशों पर भी शहर में जाम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। यातायात प्रबंधन का जिम्मा लिए घूम रही पुलिस, संभागीय परिवहन, नगर पालिका परिषद और अन्य संबंधित विभाग के कर्मी आंख मूंदे भीड़ का हिस्सा बनकर चुपचाप निकलने के आदी हो चुके हैं। शहर में बाइक लेकर भी निकलना मुश्किल है। पटरियों को अपेक्षाकृत चौड़ी होने के बावजूद गांधीनगर, कंपनीबाग, कटरा, दक्षिण दरवाजा, पांडेय बाजार क्रॉसिंग आदि स्थानों पर बिना ज्यादा ट्रैफिक प्रेशर के जाम लगा रहता है। जहां तमाम स्कूल वाहन, एंबुलेंस और फायर टेंडर आए दिन फंसे देखे जा रहे हैं। प्रशासनिक मशीनरी की इस गैर जिम्मेदाराना रवैया देखकर अवैध स्टैंड पर टैक्सी टेंपो वालों का हौसला सातवें आसमान पर है।
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रोडवेज, कटरा, कंपनीबाग, रेलवे स्टेशन, अमहट और शास्त्री चौक पर पालिका ने टैक्सी स्टैंड तय किया है। लेकिन इसके कई गुना ज्यादा स्थानों पर खुलेआम सवारियां भरी जाती हैं। इसकी वजह से उधर से गुजरने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। इस संबंध में अपर प्रमुख सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बस्ती समेत सभी कमिश्नर, आईजी, डीएम और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि इस तरह के अवैध स्टैंड के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या तो होती है कई बार ये हादसे की वजह भी बनते हैं। साथ ही इनके संचालन की आड़ में माफिया अवैध उगाही और मारपीट करते हैं। ऐसे में पुलिस, जिला प्रशासन संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाएं और ऐसे सभी अवैध स्टैंड बंद करवाएं। 30 अप्रैल के बीच कई चौराहों से अवैध स्टैंड हटवाए गए। मगर 15 दिन बीतने के बाद हालात कमोबेस जस का तस हो गया है। एसपी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि यातायात में बाधा उत्पन्न करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसे खास अभियान फिर से चलाए जाएंगे।
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